कोरोना का कहर: कोरोना काल में बिगड़ा IIT जोधपुर का प्लेसमेंट, 2020-21 में 38 फीसदी प्लेसमेंट

ABHINAV AZAD, Last updated: Sat, 4th Sep 2021, 11:30 AM IST
  • IIT जोधपुर के ओवरआल प्लेसमेंट में गिरावट हुई है. जहां ओवरआल प्लेसमेंट वर्ष 2018-19 में 42 फीसदी रहा. वहीं, वर्ष 2019-20 में 40 फीसदी एवं वर्ष 2020-21 में 38 फीसदी रह गया.
IIT जोधपुर का वर्ष 2020-21 में ओवरआल प्लेसमेंट 38 फीसदी रहा. (प्रतिकात्मक फोटो)

जोधपुर. कोरोना महामारी का देश की अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा. शायद ही कोई ऐसा सेक्टर हो जो कोरोना के कहर से बच पाया हो. नौकरी समेत व्यापार, पढ़ाई सब पर कोरोना की मार पड़ी. आलम यह रहा कि राजस्थान का सबसे बड़ा तकनीकि शिक्षण संस्थान IIT जोधपुर भी इससे बच नहीं पाया. कोरोना महामारी का IIT जोधपुर के प्लेसमेंट पर बुरा असर पड़ा. आंकड़े बताते हैं कि पिछले तीन वर्ष में प्लेसमेंट का आंकड़ा नीचे तो आया, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि संस्थान से वर्ष 2020-21 में कोर्स खत्म कर पास आउट होने वाले विद्यार्थियों की संख्या में वर्ष 2018-19 के मुकाबले 62%की बढ़ोतरी देखने को मिली.

दरअसल, एक शख्स ने आरटीआई के तहत आईआईटी जोधपुर से वर्ष 2018-19, 2019-20 एवं वर्ष 2020-21 में विभिन्न कोर्स में पास आउट एवं संस्थान से प्लेसमेंट पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या सम्बन्धी जानकारी मांगी थी. इस आरटीआई के जवाब में कहा गया है कि संस्थान के ओवरआल प्लेसमेंट में गिरावट हुई है. जहां ओवरआल प्लेसमेंट वर्ष 2018-19 में 42 फीसदी रहा. वहीं, वर्ष 2019-20 में 40 फीसदी एवं वर्ष 2020-21 में 38 फीसदी रह गया. जबकि कोर्स वाइज बात करें तो तो बीटेक का प्लेसमेंट इन तीनों वर्षो में 60 फीसदी,65 फीसदी एवं 62 फीसदी रहा.

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आंकड़ों के मुताबिक, एमटेक कोर्स का प्लेसमेंट इन तीन वर्षों में 50 फीसदी, 33 फीसदी और 29 फीसद रहा. जबकि एमएससी का 13 फीसदी, 12 फीसदी और 2 फीसद रहा. जबकि पीएचडी का प्लेसमेंट तीनों साल जीरो रहा. बीटेक में सबसे अधिक प्लेसमेंट कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग का रहा जबकि सबसे कम सिस्टम साइंस का रहा.

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