Navratri 2021: नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की करें आरती और पढ़ें ये मंत्र, मिलेगा मनवांछित फल

Anuradha Raj, Last updated: Fri, 24th Sep 2021, 7:34 PM IST
  • नवरात्रि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व होता है. नवरात्रि के नौवों दिन मां दुर्गा के अलग-अलग रूप की पूजा होती है. मां दुर्गा के सभी रूपों की अलग-अलग मान्यता भी है.नवरात्रि में मां दुर्गा के तीसरे रूप चंद्रघंटा का बहुत ही महत्व होता है.
Navratre 2021

हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल 2021 में नवरात्रि 7 अक्टूबर से शुरू होने वाला है, जो 15 अक्टूबर तक चलेगा. मां दुर्गा को शक्ति का रूप माना जाता है, और नवरात्रि के दौरान माता के नौ रूपों की पूजा होती है. ऐसे में मां चंद्रघंटो को नवरात्रि का तीसरा दिन समर्पित होता है. मां चंद्रघंटा पापों का नाश करने वाली होती हैं, और राक्षसों का वध करती हैं. तलवार, त्रिशूल, धनुष और गदा मां चंद्रघंटा के हाथों में रहता है. इतना ही नहीं बल्कि चंद्रघंटा मां के सर पर अर्धचंद्र भी विराजमान नजर आते हैं. यही कारण है कि दुर्गा माता के तीसरे स्वरूप को चंद्रघंटा नाम दिया गया है. जब भी मां चंद्रघंटा की पूजा करें तो आरती और मंत्रों की जाप जरूर करें. क्योंकि इसे बहुत ही ज्यादा शक्तिशादी माना जाता है. मां दुर्गा को दूध से बनी चीजें और चमेली का फूल अर्पित करना चाहिए.

देवी चंद्रघंटा की आरती

नवरात्रि के तीसरे दिन चंद्रघंटा का ध्यान।

मस्तक पर है अर्ध चंद्र, मंद मंद मुस्कान।।

दस हाथों में अस्त्र शस्त्र रखे खडग संग बांद।

घंटे के शब्द से हरती दुष्ट के प्राण।।

सिंह वाहिनी दुर्गा का चमके स्वर्ण शरीर।

करती विपदा शांति हरे भक्त की पीर।।

मधुर वाणी को बोल कर सबको देती ज्ञान।

भव सागर में फंसा हूं मैं, करो मेरा कल्याण।।

नवरात्रों की मां, कृपा कर दो मां।

जय मां चंद्रघंटा, जय मां चंद्रघंटा।।

मां चंद्रघंटा के मंत्र

पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता।

प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता।।

या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।