मरे हुए नाती की एफआईआर लिखवाने के लिए दर-दर भटक रही है 100 साल की नानी

Smart News Team, Last updated: 08/04/2021 10:46 AM IST
  • तीन साल पहले गंगा देवी के नाती अशोक का बीमारी के चलते देहांत हो गया है. गंगा देवी के घरवालों ने उनकी हालत देखकर उनको आज तक ये नहीं बताया. उल्टा किसी ने उनको समझा दिया कि तुम्हारे मकान के चक्कर में अशोक का अपहरण हो गया है. बस इसी आशा में गंगा देवी पुलिस के चक्कर लगा रही है.
मरे हुए नाती की एफआईआर लिखवाने के लिए दर दर भटक रही है नानी

कानपुर. उस दर्द को क्या नाम दूं. जिसका वारिस खुदा हो. सचमुच कानपुर में एक सौ वर्षीय बुजुर्ग माँ को देखकर यही कहावत याद आती है. कानपुर एसएसपी ऑफिस में आज बुधवार को एक सौ साल की बुजुर्ग मां का ऐसा तड़पता हुआ दर्द नजर आया, जिसकी काट ना कानून के पास है ना सरकार के पास 100 वर्षीय ये बुजुर्ग माँ रोते हुए पिछले 6 महीने से पुलिस ऑफिसों के चक्कर लगा रही है, वो एक ऐसे अपहरण की शिकायत पुलिस से कर रही है, जिसकी पुलिस न एफआईआर लिख सकती है, ना आरोपियों को पकड़ सकती है. पुलिस अधिकारी हर बार बस उसकी कंप्लेंट सुनते हैं, पानी पिलाते हैं और पुलिस कर्मी के साथ यह कहकर घर छुड़वा देते हैं कि आपके बेटे के अपहरणकर्ताओं को जल्दी गिरफ्तार करेंगे.

एसएसपी आफिस में रिक्शे से आई रोती हुई सौ वर्षीय बुजुर्ग मा गंगा देवी को जिसके शरीर का हिलता पुर्जा पुर्जा उसके बेरहम दर्द की गवाही दे रहा है कि गंगा देवी पुलिस के पास अशोक के अपहरण की शिकायत करने आई है. वह पिछले छह महीने से इसी तरह पुलिस आफिस के चक्कर लगा रही है और पुलिस को देखिए बड़े प्यार से गंगा देवी की शिकायत सुनती है. एसीपी रैंक के अधिकारी संतोष सिंह विशाल पांडे खुद अपने हाथों से पानी पिला रहे हैं. अपहरणकर्ताओं को पकड़ने का दावा कर रहे हैं लेकिन, वे अशोक के अपहरण की एफआईआर नहीं लिख रहे हैं जबकि गंगा देवी अपने नाती अशोक के अपहरण का आरोप लगा रही है.

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आइए हम आपको बताते हैं आखिर पुलिस इस बुजुर्ग मां की शिकायत क्यों नहीं दर्ज कर रही है, जबकि उनके साथ मानवीय मिसाल जरूर दिखाती है. दरअसल गंगा देवी के पांच बेटे थे और एक लड़की. उसके बेटे एक-एक करके उसको छोड़कर दुनिया से चले गए जबकि बेटी के एक लड़का अशोक था. अशोक को गंगा देवी ने गोद ले लिया था लेकिन दुर्भाग्य देखिए की तीन साल पहले अशोक का बीमारी के चलते देहांत हो गया था. गंगा देवी के घरवालों ने उनकी हालत देखकर उनको आज तक ये नहीं बताया है कि अशोक अब इस दुनिया में नहीं है. उल्टा किसी ने उनको समझा दिया कि तुम्हारे मकान के चक्कर में अशोक का अपहरण हो गया है. उसको पुलिस छुड़ाने में लगी है. बस इसी आशा में गंगा देवी पुलिस के चक्कर लगा रही है कि पुलिस अशोक को ढूंढ लाएगी. पुलिस अधिकारी उनकी चाहत देखकर उनको असलियत नहीं बताते वे हर बार उनकी प्यार से शिकायत सुनते हैं फिर खुद अपने गनर के साथ उनको यह कहकर घर भिजवाते हैं कि हम जल्दी अपहरण करने वालो को पकड़ेंगे.

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