1984 दंगा पीड़ित बोले- 12 दोषियों के नाम आने पर भी गिरफ्तारी नहीं कर रही SIT

Anurag Gupta1, Last updated: Fri, 29th Oct 2021, 5:28 PM IST
  • 1984 में हुए सिख विरोधी दंगे में दोषियों पर कार्रवाई न होने पर अध्यक्ष कुलदीप सिंह ने कहा किसके दबाव में काम कर रही एसआईटी. सिख दंगे की जांच के लिए ढाई साल पहले 2019 में एसआईटी गठित की गई थी. मामले में अभी तक नहीं हुई एक भी गिरफ्तारी.
(फाइल फोटो)

कानपुर. 1984 में हुए सिख विरोधी दंगे की जांच में फिर सवाल खड़े हो रहे हैं. आरोप है कि दंगे में दोषीयों के नाम आने पर भी उन्हें एसआईटी ने गिरफ्तार नहीं किया है. अखिल भारतीय दंगा पीड़ित राहत कमेटी 1984 के अध्यक्ष सरदार कुलदीप सिंह भोगल ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि दंगे में दोषी 12 लोगों के नाम सामने आने के बाद भी एसआईटी ने अब तक एक भी गिरफ्तारी नहीं की है. कुलदीप सिंह ने आरोप लगाया कि लगता है एसआईटी किसी के दबाव में काम कर रही है.

कुलदीप सिंह भोगल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एसआईटी मुखिया से भेंट कर उन्हें ज्ञापन सौंपा है. साथ ही आरोप लगाया कि दो साल पहले फरवरी 2019 में दंगे की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया लेकिन अब तक सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट तक नहीं लगाई गई है. मामले की जांच में अक्सर करके एसआईटी की कार्यशैली पर सवाल उठे हैं. सरदार भोगल ने आरोप लगाया कि शायद एसआईटी मामले को गति नहीं देना चाहती है. इसके कई कारण हो सकते हैं लेकिन इन सब के बावजूद संगठन चुप नहीं बैठेगा.

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सितंबर में बोला था विधानसभा के सामने करेंगे प्रदर्शन:

जांच शुरू होने के ढाई साल बाद तक सिख विरोधी दंगे की जांच कर रही एसआईटी न किसी को जेल भेज पाई है न चार्जशीट जारी कर सकी है. जिसके चलते अखिल भारतीय दंगा पीड़ित राहत कमेटी के अध्यक्ष सरदार कुलदीप सिंह भोगल ने पत्रकारवार्ता में सिंतबर माह में लखनऊ विधानसभा के सामने मौन प्रदर्शन करने की ऐलान किया था. इसके बाद अब सरदार कुलदीप सिंह भोगल ने एसआईटी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि ऐसा लग रहा है जैसे एसआईटी किसी के दबाव में काम कर रही है.

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