प्लास्टिक के कचरे से बनेगी वनीला आइसक्रीम, वैज्ञानिकों ने खोजा अजीबोगरीब तरीका

Ruchi Sharma, Last updated: Tue, 14th Dec 2021, 9:22 AM IST
  • वैज्ञानिकों ने प्लास्टिक के कचरे को वनीला फ्लेवर में बदलने का तरीका खोज लिया है.एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने प्लास्टिक की बेकार बोतलों से स्वादिष्ट वनीला आइसक्रीम बनाने का अनोखा रास्ता ढूंढ निकाला है. रिपोर्ट के मुताबिक वैज्ञानिक प्लास्टिक की बेकार बोतलों से वैनीलिन निकालकर वनीला फ्लेवर तैयार करने का तरीका ढूंढ चुके हैं.
प्लास्टिक के कचरे से बनेगी वनीला आइसक्रीम, वैज्ञानिकों ने खोजा अजीबोगरीब तरीका

गर्मी का मौसम हो या ठंडी का आइसक्रीम का स्वाद हर मौसम में अच्छा लगता है. कोई भी अच्छी चीज खाने के दौरान हम यही सोचते हैं कि कैसे बना होगा. लेकिन, अगर आपको यह पता चले कि जिस स्वादिष्ट आइस्क्रीम को आप मजे से खा रहे हैं वह बेकार प्लास्टिक की बोतलों से बना हो तो आप शायद हैरान रह जाएंगे. जी हां अब वह समय दूर नहीं जब भविष्य में हो सकता है कि आपको वनीला आइसक्रीम प्लास्टिक के कचरे से बने बोतलों से बनकर खाना पड़े. दरअसल वैज्ञानिकों ने प्लास्टिक के कचरे को वनीला फ्लेवर में बदलने का तरीका खोज लिया है.

एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने प्लास्टिक की बेकार बोतलों से स्वादिष्ट वनीला आइसक्रीम बनाने का अनोखा रास्ता ढूंढ निकाला है. रिपोर्ट के मुताबिक वैज्ञानिक प्लास्टिक की बेकार बोतलों से वैनीलिन निकालकर वनीला फ्लेवर तैयार करने का तरीका ढूंढ चुके हैं.

 

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वैनीलिन की मांग सबले ज्यादा

स्टडी के मुताबिक वैनीलिन की मांग पूरी दुनिया में बहुत ज्यादा है. यह लगातार बढ़ भी रही है. साल 2018 में वैनीलिन की मांग 37 हजार मीट्रिक टन था. जो 2025 तक बढ़कर 59 हजार मीट्रिक टन होने की उम्मीद है. यह स्टडी 10 जून को ग्रीन केमिस्ट्री नाम के जर्नल में प्रकाशित हुई है. फिलहाल जितने वनीला बीन्स की पैदावार है, उससे कई गुना ज्यादा वैनीलिन की मांग है.

85 फीसदी वैनीलिन जीवाश्म ईंधन से मिलता है

द गार्जियन अखबार के मुताबिक वैनीलिन नाम का एक कंपाउंड होता है जो वनीला की तरह महकता है और स्वाद पैदा करता है. प्राकृतिक तौर पर यह वनीला बीन्स से निकाला जाता है. लेकिन 85 फीसदी वैनीलिन जीवाश्म ईंधन से प्राप्त रसायनों से निकाला जाता है.

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