पाकिस्तान जेल में 8 साल तक बंद शम्शुद्दीन कानपुर लौटे तो मोहल्ले में मनी दिवाली

Smart News Team, Last updated: Mon, 16th Nov 2020, 8:03 AM IST
  • कानपुर के रहने वाले शम्शुद्दीन पाकिस्तान की जेल से रिहा होने के बाद रविवार को अपने घर पहुंचे. वह पाकिस्तान की जेल में जासूसी के आरोप में आठ साल तक बंद थे. 28 साल बाद शम्शुद्दीन अपने घर वापस पहुंचे तो पूरे मोहल्ले में दिवाली सा जश्न मन गया.
जासूसी के आरोप में शम्शुद्दीन पाकिस्तान की जेल में आठ साल तक बंद थे.

कानपुर. कानपुर के शम्शुद्दीन पाकिस्तान की जेल में जासूसी के आरोप में आठ साल तक बंद थे. दिवाली के एक दिन बाद रविवार को 28 साल बाद शम्शुद्दीन अपने घर वापस पहुंचे. उनके घर लौटने के बाद पूरे मोहल्ले में दिवाली सा जश्न मन गया. उनके बेटियों की सिस्कियां बंध गई और उनकी बहन खुशी के मारे बेहोशी के हालत में चली गई. 

अपने घर पहुंचने के बाद शम्शुद्दीन के चेहरे पर सुकून भरी मुस्कुराहट थी. 26 अक्तूबर को शम्शुद्दीन अमृतसर पहुंचे थे, लेकिन अपने घर कानपुर में आने में उन्हें लंबा वक्त लग गया. शुक्रवार रात अमृतसर से उन्हें लेने के लिए स्थानीय पुलिस व खुफिया टीम गई थी. 

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स्थानीय पुलिस व खुफिया टीम रविवार की रात में 09:45 बजे उन्हें लेकर थाना बजरिया पहुंची. जहां पर क्षेत्राधिकारी त्रिपुरारी पांडेय और अधिकारियों ने उनका माला फूल से स्वागत कर मुंह भी मीठा कराया. इस मौके पर शम्शुद्दीन बोले की हमारे लिए यह दिवाली यादगार बन गई है. उन्होंने बताया कि मेरी बेटी का जन्म भी दिवाली वाले दिन ही हुआ था. इस बात पर शम्शुद्दीन को अफसरों ने बधाई दी. 

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थाने में पहुंचे शम्शुद्दीन के छोटे भाई फहीमुद्दीन ने औपचारिकता पूरी की. इसके बाद पुलिस बल ने शम्शुद्दीन को उनके घर कंघी मोहाल पर छोड़ा. शम्शुद्दीन के घर के बाहर हजारों की संख्या में भीड़ मौजूद थी लोगों ने फूल-माला से उनका स्वागत किया. लोगों ने उन पर पुष्प वर्षा की. इस दौरान लोग खुशी के साथ भावुक भी दिखे. शम्शुद्दीन जब घर के दरवाजे पर पहुंचे तो एक बेटी घर से बाहर निकलकर अपने वालिद से चिपट कर रो पड़ी. कुछ पल के लिए वहां पर खामोशी आ गई थी. सिर्फ सिस्कियां ही सुनाई दे रही थीं. 

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