बेटे के बाद प्रॉपर्टी का इस्तेमाल कर रही मां को देना होगा बहू को भत्ता: कोर्ट

Smart News Team, Last updated: Sun, 31st Jan 2021, 5:18 PM IST
  • न्यायालय में सुनवाई के बाद पति की सम्पत्ति का इस्तेमाल कर रही सास को आदेश दिया गया कि वह महीने अपनी बहू को 15 हजार रुपए का मुआवजा दें. वहीं एक अन्य मामले में चौबेपुर की किरन के सास, ससुर व पति की मौत के बाद न्याय मिला है.
(प्रतिकात्मक फोटो)

कानपुर- उत्तर प्रदेश में बेटे की संपत्ति का इस्तेमाल कर रही सास से बहु गुजारा भत्ता ले सकती है. पारिवारिक न्यायालय में हुए दर्ज मामले में सास को अब अपनी बहू को 15 हजार रूपए महीने का गुजारा भत्ता देना पड़ रहा है. वहीं दूसरे मामले में सौतेली सास को कोर्ट की तरफ से आदेश के अनुसार बहू को मकान में रहने के लिए जगह देनी होगी. पारिवारिक न्यायालय से घरेलू हिंसा अधिनियम व हिन्दू अडॉप्शन व मेंटिनेंस एक्ट के तहत पीड़ित बहुओं को काफी राहत मिल रही है.

किदवईनगर निवासी नीलम ने अपर पारिवारिक न्यायालय में पति की मौत के बाद अर्जी देकर अपने गुजारे भत्ते की गुहार की थी. न्यायालय में सुनवाई के बाद पति की सम्पत्ति का इस्तेमाल कर रही सास को आदेश दिया गया कि वहहर महीने अपनी बहू को 15 हजार रुपए का मुआवजा दें. वहीं एक अन्य मामले में चौबेपुर की किरन के सास, ससुर व पति की मौत के बाद न्याय मिला है. किरन की सास, ससुर व पति की मौत हो गई है और ससुराल की सम्पत्ति किरन के ससुर की दूसरी पत्नी ने हथिया ली. किरन की अर्जी पर न्यायालय ने किरन को ससुराल के मकान में रहने का आदेश दे कर उसे इंसाफ दिलाया.

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परिवार न्यायालय द्वारा बहू के पक्ष में किए जा रहे इन फैसलों को वकीलों ने भी सराहा है. हिन्दू एडॉप्शन एंड मेंटिनेंस एक्ट के तहत पति की मौत के बाद पत्नी अपने पति की सम्पत्ति का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति से गुजारा भत्ता मांग सकती है. अधिवक्ताओं का कहना है कि सीआरपीसी 125 से सास से गुजारा भत्ता मांगने का हक नहीं है. वरिष्ट अधिवक्ता अरुण अवस्थी ने कहा कि घरेलू हिंसा के तहत पीड़ित को उस व्यक्ति से गुजारा भत्ता लेने का हक है जिसने उसके साथ मारपीट की है. हिन्दू एडाप्शन एंड मेंटिनेंस एक्ट की वजह से ऐसी बहुत सी बहुओं को राहत मिल रही है.

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