ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बताया शादी में कौन से 5 काम हैं जायज

Smart News Team, Last updated: Thu, 18th Mar 2021, 12:58 PM IST
  • ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने साफ लहजे में कहा कि महंगे शादी के कार्ड छपवाना, लड़की के घर शादी के दिन दावत और दहेज जैसी बातों को खत्म करें. निकाह मस्जिदों में करें. अगर दिन जुमा को हो तो इसे अहमियत हासिल है.
बोर्ड ने लड़की के घर शादी के दिन दावत और दहेज जैसी बातों को खत्म करने की बात कही.

कानपुर- ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने साफ कर दिया है कि शादी में महज 5 शरई आमाल यानि काम ही जायज है. इसके अलावा शेष सभी काम गैर-शरई हैं. महंगे शादी के कार्ड छपवाना, लड़की के घर शादी के दिन दावत और दहेज जैसी बातों को खत्म करें. जुमा का दिन हो तो इसे अहमियत हासिल है.

बताते चलें कि लॉ बोर्ड ने वैसे तो देशभर में आसान और मसनून निकाह नाम से तहरीक छेड़ी है, मगर रफ्तार महज कुछ ही राज्यों में मिल सकी है. मस्जिदों में खासतौर से जुमे की नमाज से पहले तकरीरों, खुत्बों में इस पर जोर दिया जा रहा है. पांचों वक्त की नवाज से पहले यह जानकारी दी जा रही है.

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तहरीक में निकाह में 5 बातों पर जोर दिया जा रहा है. इनमें 2 फर्ज, एक वाजिब और 2 बातों को सुन्नत बताया गया है. निकाह में पहली बार ईजाब और कुबूल यानी निकाह की स्वीकृति और दूसरी बात 2 गवाहों का होना फर्ज है. तीसरी बात महर है, जो हैसियत के मुताबिक होना चाहिए. वक्त खुत्ब-ए-निकाह यानी निकाह के वक्त और बाद में हैसियत के मुताबिक वलीमा है.

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