कोरोना से खड़ी हुई एक और मुसीबत, लोग भूले नंबर और पासवर्ड, दिमाग पर गहरा असर

Smart News Team, Last updated: Wed, 2nd Dec 2020, 7:20 PM IST
  • कोरोना वायरस ने लोगों की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया है. नई रिसर्च से सामने आया है कि मरीज ठीक तो हो रहे हैं लेकिन वायरस के कुछ साइड इफेक्ट्स उनके साथ रह गए हैं. जिसमें से भूलने की बीमारी भी एक है, कई ऐसे लोग हैं जिन्होनें कोरोना से जंग जीत ली है लेकिन जरूरी बातें भूलने लगे हैं.
कानपुर में कोरोना के ऐसे मरीज, ठीक होते ही उनकी मानसिक हालत बिगड़ी

कानपुर: कोरोना के प्रकोप ने कई लोगों की जिंदगी को बदल दिया है. कई ऐसे मरीज हैं जो इस महामारी की चपेट में आने के बाद ठीक होकर अपना सामान्य जीवन जीने लगे हैं. वहीं कुछ मरीजों ने शिकायत की है कि उनके दिमाग पर असर पड़ा है जिसके कारण कई जरूरी बातें वह भूलने लगे हैं. याददाशत कमजोर होने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.  

कानपुर के लाजपत नगर के बैंक अधिकारी ने बताया कि कोरोना संक्रमण से उभरने के बाद जब वह अस्पताल से डिस्चार्ज होकर आए तो वह घर की काफी चीजों को पहचान नहीं पाए. इसी के साथ जब वह ऑफिस गए तो कई पासवर्ड और नंबर भूल गए. नंबर और पासवर्ड भूलने की परेशानी कई और मरीजों में भी देखी गई.

डॉक्टर इस तरह के केस को ब्रेन फॉग जैसी बीमारी बता रहे हैं. साथ ही यह भी कह रहे हैं कि इसका इलाज बड़ा जटिल है और सही तरह से ईलाज मिलने के बाद इस बीमारी से पूरी तरह निजात पाया जा सकता है. 

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इस तरह के केस स्टडी करने के बाद मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी हेड प्रो. आलोक वर्मा ने बताया कि यह वायरस नसों में खून के थक्के जमा देता है, जिससे ऐसी समस्या उत्पन्न होती है. उन्होंने ये भी कहा कि इसके लगभग सभी मरीज बुजुर्ग ही पाए जाते हैं. वो कहते हैं कि अगर इसका इलाज दो महीनें के भीतर हो जाए तो मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हो सकता है.

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आमतौर पर इस बीमारी के होने से लोगों को मानसिक रुप की अक्षमता हो जाती है. जिसके चलते वो कुछ समझने, सोचने और बातों का जवाब देने में भी अस्मर्थ हो जाते हैं. साथ ही उन्हें सिर में दर्द और किसी भी चीज में उनका फोकस भी ना होने की शिकायत बराबर बनी रहती है. 

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बीमारी पर बात करते हुए मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ एसके गौतम ने कहा कि जिन पेशेंट में ऑक्सीजन की अत्याधिक कमी और वे लंबे समय से ऑक्सीजन के जरिए जीवन व्यतीत कर रहे हैं, तो उन्हें न्यूरो की समस्या हो जाती है. जिससे वह काफी भूल चुके होते हैं.

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