यूपी: धर्मांतरण मामले में खुलासा, धर्म परिवर्तन कराने के लिए ई-वॉलेट से आता था फंड

Smart News Team, Last updated: Mon, 5th Jul 2021, 10:14 AM IST
  • यूपी में धर्मांतरण कराने के लिए ई-वॉलेट से फंड आता था. धर्म परिवर्तन  के लिए पैसे जुटाने के लिए लगभग एक दर्जन ऑनलाइन खातों का प्रयोग होता था. यह खुलासा मामले में जांच कर रही एटीएस ने किया है. 
एटीएस लगभग एक दर्जन ऑनलाइन खातों का ट्रांजेक्शन डिटेल निकलवा रही है.

कानपुर. यूपी में धर्मांतरण कराने के मामले में एटीएस ने बड़ा खुलासा किया है. एटीएस ने बताया कि धर्मांतरण के लिए फंड कई तरह के ई-वॉलेट से आता था. साथ ही धर्मांतरण के लिए पैसे जुटाने के लिए लगभग एक दर्जन ऑनलाइन खातों का धड़ल्ले से प्रयोग किया जा रहा है. एटीएस इन खातों का ट्रांजेक्शन डिटेल निकलवा रही है.

जानकारी मिली है कि धर्मांतरण के लिए उमर गौतम की संस्था इस्लामिक दावा सेंटर को भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी फंडिंग मिलती थी. उसे फंडिग करने वाले लोग उसे अपने शहर या देश में आयोजित सेमिनार में व्याख्यान देने के लिए बुलाते थे. वह इस्लाम धर्म के बारे में अपनी आस्था और धर्म के बारे में बताकर लोगों का माइंडवॉश कर धर्मांतरण के लिए प्रेरित करता था.

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एटीएस ने बताया कि उमर गौतम व उसके साथी धर्मांतरण के नाम पर ज्यादातर रकम लेने के लिए अंजान खातों का प्रयोग करते थे. ये खाते दुकानदार, कारोबारी जैसे लोगों के होते थे. वहीं, विदेशों से फंडिग के लिए पे-पल खातों का प्रयोग करते थे. कई खाते में पैसे आते ही खातों को बंद कर दिया था तो कई खातें अभी भी चल रहे हैं.

बता दें कि धर्मांतरण मामले में एटीएस टीम का सहयोग करने के लिए जिले में एसीपी के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम बनाई गई है. इस टीम का मुख्य काम धर्मांतरण कर चुके लोगों से बात करना है और आरोपियों पर कार्रवाई करना है. इस काम में टीम लग गई है. धर्मांतरण के शिकार हुए लोगों से टीम ने पूछताछ करना शुरू कर दिया है. एटीएस की तरफ से जो भी टास्क मिलेगा उसे भी यह टीम पूरा करेगी.

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