फिल्मी डायलॉग बोलने में गैंगस्टर विकास दुबे था माहिर, मानसिक रूप से था बीमार

Smart News Team, Last updated: 08/02/2021 06:11 PM IST
  • विकास दुबे के बारे मे बता चला है कि स्प्लिट पर्सनैलिटी डिसऑर्डर नामक मानसिक बीमारी से पीड़ित था. इस बीमारी के प्रभाव के कारण अर्जुन पंडित, वेलकम, शोले और बाहुबली जैसी फिल्मों के दबंग किरदारों जैसा बर्ताव करता है. वे इन किरदारों को अपनी जिंदगी में ढालता था. इसके चलते उसने 8 पुलिसकर्मियों की हत्या की थी.
विकास दुबे स्प्लिट पर्सनैलिटी डिसऑर्डर नामक मानसिक बीमारी से पीड़ित था.(फाइल फोटो)

कानपुर. बिकरू कांड के आरोपी विकास दुबे के बारे मे बता चला है कि स्प्लिट पर्सनैलिटी डिसऑर्डर नामक मानसिक बीमारी से पीड़ित था. इस बीमारी के प्रभाव के कारण अर्जुन पंडित, वेलकम, शोले और बाहुबली जैसी फिल्मों के दबंग किरदारों जैसा बर्ताव करता है. वे इन किरदारों को अपनी जिंदगी में ढालता था. इसके चलते उसने 8 पुलिसकर्मियों की हत्या की थी. वो अलग-अलग फिल्मों में विलेन के किरदार को पसंद करता था और उनके डायलॉग दोहराता रहता था. 

जैसे की बताया जा रहा था कि विकास दुबे खुद को कभी-कभी बाहुबली समझने लगा था जिसके कारण उसने पुलिस वालों पर हमला किया था. विकास दुबे के साथी गोपाल सैनी बताया है कि अर्जुन पंडित मूवी देखने के बाद उसने खुद को इसी किरदार में ढाल लिया था. इतना ही नहीं उसने खुद का नाम पंडित ही रख लिया था. इसके अलावा वो कभी-कभी खुद को गब्बर मानता था जिसके कारण वो ये डायलॉग दोहरात रहता था. इसके अलावा वेलकम मूवी में नाना पाटेकर के किरदार उदय शेट्टी के डायलॉग के भी दोहराता रहता था.  

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इस पर बात करने पर मनोवैज्ञानिक  ने बताया है कि है इस तरह बीमारी से पीड़ित ये लोग के लोग काफी महात्वाकांक्षी होते हैं. अपनी पहचान को लेकर वे काफी ध्यान रखते है. अपनी पहचान उन्हें अच्छी लगती है और वे चाहते है कि आसपास के लोग उन्हें पहचाने. अलग-अलग किरदारों में खुद को ढालने का मुख्य कारण यही होता है. इन्हीं किरदारों से उन्हें लगता है कि लोग उन्हें पहचानने लगेंगे.

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