गर्लफ्रेंड को गिफ्ट देने के लिए लड़के ने हत्या करके लूटी कार, फिर हुआ ऐसा कि...

Smart News Team, Last updated: Sun, 4th Jul 2021, 4:31 PM IST
  • 21 वर्षीय युवक हिमांशु और उसके दोस्त सौरभ सोनी ने गर्लफ्रेंड को गिफ्ट देने और मौज मस्ती के लिए पैसे जुटाने के चक्कर में कार चालक की हत्या कर दी. दोनों आरोपी हत्या के बाद कार चालक की गाड़ी लेकर फरार हो गए. 
गर्लफ्रेंड को गिफ्ट देने के चक्कर में युवक ने  दोस्त के साथ मिलकर किया हत्या. (प्रतीकात्मक फोटो)

कानपुर : उत्तर प्रदेश के कानपुर से चौंकाने वाला मामला सामने आया है. कन्नौज के रहने वाले 21 वर्षीय युवक हिमांशु और उसके दोस्त सौरभ सोनी ने गर्लफ्रेंड को गिफ्ट देने और मौज मस्ती के लिए पैसे जुटाने के चक्कर में कार चालक की हत्या कर दी. दोनों आरोपी हत्या के बाद कार चालक की गाड़ी लेकर फरार हो गए. इस वारदात के बाद दोनों युवकों ने गाड़ी को बेचने के लिए दिल्ली औऱ मेरठ के डीलर्स से संपर्क किया, लेकिन युवक गाड़ी किसी और के नाम होने पर उसे बेच नहीं पाए.

दरअसल, आरोपी हिमांशु की दो साल पहले मेरठ के जागृति विहार निवासी युवती से फेसबुक पर दोस्ती हुई थी. युवती झांसी में पढ़ती थी. दोनों एक दूसरे से मिलने लगे. कोरोना के चलते इन दिनों युवती की पढ़ाई घर पर ही ऑनलाइन चल रही थी, इसलिए हिमांशु उससे मिलने मेरठ पहुँच गया. इस बीच हिमांशु ने गर्लफ्रेंड को गिफ्ट देने और साथ घूमने का प्लान बनाया. मौज मस्ती के लिए पैसे न होने पर आरोपी हिमांशु ने कार लूटने की योजना बनाई थी. वारदात को अंजाम देने के लिए हिमांशु ने दोस्त एसी-फ्रिज मकैनिक सौरभ सोनी को भी साथ ले लिया था.

हिमांशु ने पहले कार बुकिंग साइट ओला से कार बुक की लेकिन गाड़ी मालिक सचिन ने बुकिंग कैंसिल कर दी. इसके बाद आरोपियों ने कार के ड्राइवर दीपक को सीधे फोन करके गाड़ी बुक की. दीपक ने आरोपी के आधार कार्ड की फोटो गाड़ी मालिक सचिन को भेज दी थी. दीपक का फोन बंद होने पर सचिन ने यह फोटो पुलिस को दी. दीपक सचिन की गाड़ी चलाता था. पुलिस ने आधार पर लिखे नंबर पर हिमांशु से संपर्क किया तो वह पुलिस को गुमराह करता रहा. पुलिस के फोन करने पर हिमांशु ने कहा कि चालक हमें 29 की सुबह छोड़कर चला गया था. वह अभी दिल्ली में है.

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पुलिस ने सर्विलांस से पता लगाया कि हिमांशु 29 जून को मेरठ में ही था. पुलिस ने तब आरोपियों को बहाने से बुलाकर दबोच लिया था. इससे पहले हिमांशु युवती के चक्कर में साल भर पहले जेल भी जा चुका है. दरअसल, हिमांशु युवती को मेरठ से कानपुर लेकर आया था. दोनों घंटाघर के होटल में रुके थे. युवती के परिजनों ने उसे झांसी में न पाकर फोन किया तो युवती ने अपहरण होने की बात कही थी. घटना की जानकारी परिजनों ने पुलिस को दी थी. उस दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था.

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कार चालक दीपक परिवार का अकेला सहारा था. उसके पिता अमरनाथ का देहांत हो चुका है. परिवार में मां कांति देवी और शादीशुदा दो बहनें अंजू और मंजू हैं. दीपक कुछ महीने पहले ही सचिन की कार चलाने लगा था इससे पहले वह टेंपू चलाता था.

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