कानपुर: KDA में चल रहा था फर्जी रजिस्ट्री का खेल, जांच में विभाग के कर्मचारियों पर नजर

Haimendra Singh, Last updated: Tue, 7th Sep 2021, 12:26 PM IST
  • कानपुर विकास प्राधिकरण के जमीन और मकानों के भूखंडों में फर्जी रजिस्ट्री का मामले सामने आ रहे है. फर्जी रजिस्ट्री के इस खेल में केडीए कर्मचारियों की मिलीभगत की बातें भी सामने आ रही है. उपाध्यक्ष केडीए, अरविंद सिंह विभाग की जमीनों के साथ-साथ योजना का भी सर्वे करा रहा है इससे पता चला जाएगा कि कितने भूखंड बिक गए हैं और कितने भूखंड बिकने बाकी हैं.
केडीए के भूखड़ों पर चल रहा है फर्जी रजिस्ट्री का खेल.( सांकेतिक फोटो )

कानपुर. कानपुर विकास प्राधिकरण(Kanpur Development Authority) में फर्जीवाड़े का मामले सामने आ रहे है. केडीए की आवासीय योजनाओं के सर्वे में फर्जी रजिस्ट्री का घोटाला के पता लगा है. जांच में धीरे-धीरे खुलासा हो रहा है कि कर्मचारी और दलालों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज लगाकर भूखंडों की रजिस्ट्री की गई हैं. फर्जीवाडे़ का यह खेल केडीए के जोन 3 और 4 में हो रहा है. कुछ समय पहले डब्ल्यू ब्लाक जूही में छह भूखंडों की फर्जी रजिस्ट्री पकड़ में आई थी जिसमें एक कर्मचारी को निलंबित किया गया है.

केडीए की डब्ल्यू ब्लाक जूही और सुजातगंज योजना सबसे पुरानी है. सबसे ज्यादा फर्जी रजिस्ट्री के मामले जोन तीन व चार में आवासीय योजना डब्ल्यू वन ब्लाक जूही, साकेत नगर, किदवईनगर, ओ ब्लाक सब्जी मंडी, सुजातगंज, श्यामनगर में पाये गए है. सबसे पुरानी योजनाओं में भूखंड का आवंटन कर दिया गया, लेकिन पूरा पैसा नहीं जमा किया. बाद में कर्मचारियों ने दलालों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज लगाकर इन भूखड़ो की दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्ट्री कर दी. किदवईनगर में चार फर्जी रजिस्ट्री खुद पूर्व उपाध्यक्ष जयश्री भोज ने पकड़ी थीं, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया.

जेल में बंद बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद की पत्नी परिवार संग AIMIM में शामिल, औवेसी दिलाई सदस्यता

फर्जी रजिस्ट्री का पता लगने के बाद बांसमंडी, भन्नानापुरवा, डिप्टी पड़ाव, गोविंदनगर, आर्य नगर, श्याम नगर समेत कई इलाकों में अवैध इमारतों को सील करने के आदेश दिया गया था, लेकिन छह महीने होने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई. इस मामले को लेकर केडीए ने रिपोर्ट तलब की है. उपाध्यक्ष केडीए, अरविंद सिंह ने कहा है कि केडीए अपनी जमीनों का सर्वे कराने के साथ ही योजनाओं का भी सर्वे करा रहा है इससे पता चला जाएगा कि कितने भूखंड बिक गए हैं और कितने भूखंड बिकने बाकी हैं.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें