भैंसों की नीलामी को लेकर कानपुर नगर निगम में हंगामा, धरने पर बैठे पार्षद

Smart News Team, Last updated: Tue, 6th Oct 2020, 12:18 AM IST
  • कानपुर नगर निगम में भैंसों की नीलामी के दौरान हंगामा हो गया. जिसके बाद अपर नगर आयुक्त से नोकझोंक हुई और दो पार्षद सभागार के बाहर ही धरने पर बैठ गए.
कानपुर नगर निगम सभागार के बाहर धरने पर बैठे पार्षद

कानपुर: भैंसों की नीलामी को लेकर सोमवार की शाम कानपुर नगर निगम के सभागार में काफी बवाल हुआ. इस दौरान पहले अपर नगर आयुक्त अरविंद कुमार राय से अभद्रता की गई. इसके बाद दो पार्षद अरविंद यादव और जेपी पाल सभागार के बाहर ही धरने पर बैठ गए. देखते ही देखते ये मामला इतना बढ़ गया कि जिलाधिकारी के साथ चल रही बैठक को बीच में ही छोड़कर नगर आयुक्त अक्षय त्रिपाठी नगर निगम पहुंचे.

जानकारी के मुताबिक पार्षद कुछ समय पहले बर्रा इलाके से पकड़ी गईं भैंसों को छुड़ाने के लिए पिछले कई दिनों से कोशिश कर रहे थे. जिसके बाद महापौर प्रमिला पाण्डेय ने साफ ऐलान कर दिया था कि गोवंशीय पशुओं को जुर्माना देकर छुड़ाया जा सकता है मगर भैंसों को नहीं छोड़ा जाएगा. आपको बता दें कि इसी बीच चमनगंज में भी भैंसें पकड़ने के बाद महापौर की टीम पर हमला भी हुआ था. इसी क्रम में सोमवार को अपर नगर आयुक्त नगर निगम सभागार में 14 भैंसों की नीलामी कर रहे थे. इसी बीच पार्षद अरविंद यादव और जेपी पाल  वहां पहुंच गए. इसके साथ ही यह भी आरोप है कि नीलामी में भाग लेने आए एक दो लोगों को धमकी भी दी गई. इसके बाद  सभागार घुसकर नीलामी प्रक्रिया को रोकने की मांग करने लगे. 

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निलामी प्रक्रिया रोकने के लिए अपर नगर आयुक्त नहीं माने तो दोनों पार्षदों की उनसे जमकर बहस बाजी की और बाद में सभागार के बाहर ही धरने पर बैठ गए. इस बीच महापौर भी अवास पहुंच चुकीं थीं. जिसके बाद उन्होंने नगर आयुक्त को फौरन नगर निगम पहुंचने के लिए कहा. मौके पर पहुंचे नगर आयुक्त ने बैठक में विवाद को लेकर समझौता तो करा दिया मगर नीलाम हुईं भैंसों को वापस न देने की बात नहीं मानी.  इस दौरान अपर नगर आयुक्त ने बताया कि 14 भैंसों की नीलामी 5.18 लाख रुपए में हुई है. प्रति भैंस की नीलामी 37 हजार रुपए में हुई. 

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