जनसुविधा केंद्रों पर सरकारी दस्तावेजों को बनवाना हुआ महंगा, जानें कितने बढ़े रेट

Smart News Team, Last updated: Thu, 19th Nov 2020, 11:07 AM IST
  • शहर के जनसुविधा केंद्रों के जरिए अब सरकारी दस्तावेजों का बनवाना महंगा हो गया है. अब सरकारी दस्तावेज को बनवाने के लिए लोगों को 20 की जगह 30 रुपये देने होंगे. इन दस्तावेजों को पहले की तरह उत्तर प्रदेश के लोकवाणी और जनसुविधा केंद्रों पर ही बनवाना होगा.
जन सेवा केंद्रों पर सरकारी दस्तावेजों बनाने के शुल्क में भारी बढौतरी की गई है.(प्रतीकात्मक फोटो)

कानपुर. अब सरकारी दस्तावेज को बनवाने के लिए लोगों को 20 की जगह 30 रुपये देने होंगे. इन दस्तावेजों को पहले की तरह उत्तर प्रदेश के लोकवाणी और जन सेवा केंद्रों पर ही बनवाना होगा. ध्यान देने की बात यह होगी कि सिर्फ खतौनी के दाम को ही पुराने रेट 30 रुपये पर रखा गया है. इसके अतिरिक्त सभी के दस्तावेजों के दाम बढ़ गए हैं.

वहीं, लोग केंद्रों के माध्यम से आय, जाति, निवास, पेंशन, जन्म-मृत्यु समेत अन्य सुविधाओं का लाभ बिना कार्यालय जाए ले सकेंगे. इसकी सुविधा लोकवाणी और जनसुविधा केंद्र वेबसाइट के जरिए दे रहा है. इतने दाम पर दस्तावेजों के बनवाने पर ई डिस्ट्रिक मैनेजर संदीप यादव का कहना है कि पूरे सिस्टम में बदलाव किया गया है.

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इसके अतिरिक्त ईडिस्ट्रिक.यूपी.जीओवी.इन पर जाकर दस्तावेज को बनाएंगे तो लोगों को आधा शुल्क जमा करना होगा. बता दें कि इस नई व्यवस्था को लागू सभी केंद्रो पर कर दिया गया है. इस व्यवस्था में हुए बदलाव में शामिल दस्तावेज आय, जाति, निवास, जन्म, मृत्यु, रोजगार पंजीकरण, नवीनीकरण, विकलांग प्रमाण पत्र, पुलिस शिकायत, वाहन चोरी, बच्चे खोने, स्कॉलरशिप, जमीनों के रिकार्ड समेत 40 सुविधाएं हैं.

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केंद्र संचालकों की आमदनी भी अब ढाई रुपये की जगह 13 रुपये हो गई है. जो उन्हें एक डॉक्यूमेंट बनवाने पर मिलेगी. इसके साथ ही उन दस्तावेजों का हर वर्ष नवीनीकरण भी होगा. इस काम के लिए सीएमएस कंप्यूटर और बीएलएस इंटरनेशनल सर्विसेज लिमिटेड को अधिकृत किया गया है. इन्हीं कंपनी के जरिए केंद्रों को चलाने की अनुमति भी मिलेगी. बता दें कि जिले में 750 कुल केंद्र हैं.

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