चौबेपुर दलित हत्याकांड: आश्वासन के बाद परिजन आनंद कुमार का शव उठाने को हुए तैयार

Somya Sri, Last updated: Wed, 27th Oct 2021, 2:55 PM IST
  • चौबेपुर के पनऊपुरवा गांव में सोमवार देर रात हुए हमले में दलित बुजुर्ग आनंद कुमार की मौत के मामले में प्रशासन के काफी मिन्नतों के बाद परिवार वाले शव उठाने को तैयार हुए. इस दौरान भाजपा विधायक भगवती प्रसाद सागर ने भी अर्थी को कंधा दिया. परिवार वाले प्रशासन से मांग कर रहे थे कि उन्हें 1 करोड़ रुपए मुआवजा मिले. साथ ही घर में एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए. आवास और सुरक्षा भी प्रदान की जाए. साथ ही आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो.
चौबेपुर दलित हत्याकांड: प्रशासन के मिन्नत के बाद परिजन आनंद कुमार का शव उठाने को हुए तैयार.

कानपुर: चौबेपुर के पनऊपुरवा गांव में सोमवार देर रात हुए हमले में दलित बुजुर्ग आनंद कुमार की मौत के मामले में प्रशासन के काफी मिन्नतों के बाद परिवार वाले शव उठाने को तैयार हुए. इस दौरान भाजपा विधायक भगवती प्रसाद सागर ने भी अर्थी को कंधा दिया. परिवारवाले आज यानी बुधवार की सुबह से ही लगातार आनंद कुमार के शव का अंतिम क्रिया करने से मुकर रहे थे. इस दौरान परिवार वाले प्रशासन से मांग कर रहे थे कि उन्हें 1 करोड़ रुपए मुआवजा मिले. साथ ही घर में एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए. आवास और सुरक्षा भी प्रदान की जाए. साथ ही आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो.

इन सभी मांगों पर अधिकारियों ने परिजनों को आश्वासन देते हुए कहा है, "कि जितनी भी मांगे हैं, सभी शासन को भेज दिया जाएगा. जैसे ही निर्देश आएंगे उसी हिसाब से कार्यवाही की जाएगी." आश्वासन के बाद परिवार वालों ने आनंद कुमार का शव उठाने के लिए तैयार हुए. जिसके बाद दोपहर 12:00 बजे मृतक का शव अंतिम संस्कार के लिए बिठूर श्मशान घाट पहुंचा.

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वहीं मृतक की बहू संदीपा की तहरीर पर प्रधान मनीष उसके पिता रामकुमार दीक्षित, दरोगा शेर बहादुर, हल्का इंचार्ज गोपी किशन, श्रीकृष्ण त्रिवेदी उसके बेटे शोभित राजन, गोविंद, चचेरे भाई सुधीर लउआ और एक अज्ञात सिपाही समेत चार अज्ञात के खिलाफ बलवा, मारपीट, धमकी देना, बिना अनुमति घर में घुस जाना, जानबूझकर खतरनाक हथियार से वार करना, आक्समिक हमला करना, जान से मारने का प्रयास, सरकारी कर्मचारी दूसरे को चोट पहुंचाने के लिए कानून का उल्लंघन करना, हत्या और एससीएसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गयी है.

मालूम हो कि चौबेपुर के पनऊपुरवा गांव में सोमवार देर रात दलित परिवार पर पड़ोसियों ने हमला बोल दिया. जिसमें एक दलित बुजुर्ग की मौत हो गई थी और परिवार के पांच लोग घायल हो गए. जानकारी के अनुसार दोनों गुटों में कई महीने से विवाद चल रहा था. परिवार का आरोप था कि मारपीट पुलिस वालो के सामने हुई. गांव में घटना को लेकर तनाव है.

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स्थानीय लोगों के अनुसार चौबेपुर के पनऊपुरवा गांव के आनंद कुमार कुरील और कृष्ण त्रिवेदी का विवाद काफी समय से चल रहा था. आनंद के बेटे रवि ने एक शिकायत भी दर्ज कराई थी. लेकिन पुलिस ने कोई खास करवाई नहीं की थी. इस बीच दोनों गुटों के बीच कई बार विवाद हो चुका है. सोमवार देर रात विपक्षी परिवार एक जुट हो कर दलित परिवार के घर हमला बोल दिया. धारदार हथियारों से लैस हमलावर दरवाजा तोड़ कर घर में घुस गए.

घर में घुसकर जो भी दिखा उसे मारने लगे. देर रात हुए हमले में दोनों गुटों के बीच जमकर पथराव भी हुआ. इसी दौरान दलित परिवार के पाँच लोग घायल हो गए. वही एक दलित बुजुर्ग आनंद कुमार की मौत हो गई. मृतक की पत्नी आशा देवी, बहू संदीप , भाई जगन्नाथ महेंद्र घायल हो गए. घटना के बाद गाँव में तनाव की स्थिति बनी हुई है.

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