सावधान ! एक्सपर्ट का दावा- जनवरी फरवरी में आएगी कोरोना की तीसरी लहर

Somya Sri, Last updated: Sun, 5th Dec 2021, 8:28 AM IST
  • कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन को लेकर दुनिया में बढ़ी चिंता के बीच आईआईटी के वरिष्ठ वैज्ञानिक पद्मश्री प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने अपने अध्ययन से दावा किया है कि अगले साल जनवरी फरवरी के बीच कोरोना की तीसरी लहर आएगी. उन्होंने कहा कि जब तीसरी लहर पीक पर होगी, तब रोजाना एक से डेढ़ लाख के बीच संक्रमित मरीजों के मिलने की संभावना है.
कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रोन (फोटो- सोशल मीडिया)

 कानपुर: कोरोना को लेकर देश समेत प्रदेश में फिर से चिंता बढ़ने लगी है. कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन को लेकर विश्व स्तर पर सभी संगठन सक्रिय हो गए हैं और लगातार लोगों को जागरूक कर रहे हैं. इस बीच आईआईटी के वरिष्ठ वैज्ञानिक पद्मश्री प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने अपने अध्ययन से दावा किया है कि अगले साल जनवरी फरवरी के बीच कोरोना की तीसरी लहर आएगी. प्रो. अग्रवाल ने कहा कि सितंबर माह में ही तीसरी लहर को लेकर जो आकलन किया था, वह सच साबित होता दिख रहा है. कई देशों में फैलने के बाद भारत में भी ओमिक्रॉन के केस मिलने शुरू हो गए हैं. उन्होंने कहा कि जब तीसरी लहर पीक पर होगी, तब रोजाना एक से डेढ़ लाख के बीच संक्रमित मरीजों के मिलने की संभावना है.

बच्चों पर होगा कम असर

प्रो. अग्रवाल ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर का भी बच्चों पर असर कम होगा। उनमें लक्षण भी कम नजर आएंगे और वे जल्दी रिकवर हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीज जल्दी रिकवर होंगे. उन्हें सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण होंगे लेकिन दूसरी लहर की तरह अधिक परेशान नहीं होंगे. प्रो. अग्रवाल ने कहा कि यह वेरिएंट नेचुरल इम्युनिटी को ज्यादा बाईपास नहीं कर रहा है. नेचुरल इम्युनिटी का मतलब जो लोग एक बार कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, उन्हें अधिक घबराने की जरूरत नहीं है. वे संक्रमण से नहीं बच पाएंगे लेकिन अधिक दिक्कत जैसी स्थिति नहीं होगी.

सरकार की इस योजना से 752 रुपये जमाकर पाएं हर महीने 10 हजार, जानें प्रोसेस

मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग बहुत जरूरी

प्रो. अग्रवाल ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर से बचने का सबसे अच्छा माध्यम सावधानी बरतना और वैक्सीन है. जिन लोगों ने वैक्सीन की दूसरी डोज या अभी पहली ही डोज नहीं लगवाई है, वे तुरंत वैक्सीन लगवा लें। मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें.

लॉकडाउन लगाना जरूरी?

प्रो. अग्रवाल ने कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पूरा लॉकडाउन लगाने की आवश्यकता नहीं है. बचाव की चीजों को ही अगर सख्ती से पालन कराया जाए तो काफी है. जरूरत पड़ने पर हल्का लॉकडाउन लगाया जा सकता है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें