सीएसए ने किसानों के लिए जारी की एडवाइजरी, 25 नवंबर तक अलसी बुआई की सलाह दी

Nawab Ali, Last updated: Sat, 6th Nov 2021, 9:59 AM IST
  • चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने किसानों अलसी की बुआई के लिए एडवाजारी जारी करते हुए 25 नवंबर तक करने की सलाह दी है. 
25 नवंबर तक अलसी की बुआई कर सकते हैं किसान. फाइल फोटो

कानपुर. चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने किसानों को अलसी के उत्पादन के लिए एडवाइजरी जारी की है. विश्वविद्यालय ने एडवाइजरी जारी करते हुए 25 नवंबर तक बुआई करने के लिए कहा है. सीएसए अलसी विभाग की डॉ नालिनी तिवारी ने बताया है कि अलसी के सेवन से कैंसर को रोकने में मदद मिलती है. अलसी में लिगन नेन नमक एंटी एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जिससे कैंसर को रोकने में काफी मदद मिलती है. डॉ नालिनी ने बताया है कि भारत की अर्थव्यस्था में खाद्यान्न फसलों के बाद तिलहनी फसलें दूसरे स्थान पर है. विश्व की बात की जाए तो भारत अलसी के उत्पादन में पांचवें नंबर पर आता है. 

डॉ नलिनी तिवारी का बताती हैं कि अलसी के क्षेत्रफल के हिसाब से देखें तो भारत तीसरे नंबर पर आता है, लेकिन उत्पादन के मामले में कनाडा, कजाकिस्तान, चीन व यूएसए के बाद पांचवें नंबर पर आता है. उत्तर प्रदेश में अलसी का उत्पादन बुंदेलखंड क्षेत्र जालौन,हमीरपुर, बांदा, झांसी,ललितपुर एवं कानपुर नगर, कानपुर देहात, बस्ती, प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर आदि में की जाती है. डॉ बताते हैं कि अलसी के सेवन से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी अलसी का इस्तेमाल करते थे. 

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उनका कहना था कि जिन घरों में लोग अलसी का इस्तेमाल होता है वो घर निरोगी होते हैं. हमारे शरीर में जिन आवश्यक पदार्थों की जरूरत होती है अलसी उन सभी को पूरा करती है. अलसी में भरी मात्रा में प्रोटीन, खनिज पदार्थ समेत शरीर को लाभ पहुंचाने वाले आवश्यक तत्व होते हैं. अलसी के सेवन से सर्दी, जुखाम,खांसी एवं खराब में फायदा होता है. इसके सेवन से इम्यून सिस्टम बहुत बढ़ता है.

 

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