विकास दुबे केस में खुलासा, विधायक की पैरवी से बना था जय बाजपेई का शस्त्र लाइसेंस

Smart News Team, Last updated: Wed, 27th Jan 2021, 12:25 PM IST
  • विकास दुबे केस में नई बातें सामने आईं, विधायक की पैरवी से विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई की रिवॉल्वर का लाइसेंस बना था. तत्कालीन डीएम ने 30 हजार की NSC को भी माफ किया था.
विकास दुबे केस

कानपुर: विकास दुबे मामले में कुछ अहम खुलासा हुआ है. जानकारी के मुताबिक विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई की रिवॉल्वर का लाइसेंस विधायक की पैरवी से ही बना था. इतना ही नहीं विधायक की लेटरपैड पर सिफारिश के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी ने 30 हजार की NSC को माफ कर दिया था. SIT की टीम फिलहाल जय बाजपेई के असलहा लाइसेंस फाइल की जांच कर रही है और उसके बाद ही ये बातें सामने आईं हैं.

कलेक्ट्रेट में असलहा फाइल के मुताबिक तत्कालीन बजरिया इंस्पेक्टर एस के वर्मा ने 24 नवंबर 2007 को लगाई गई रिपोर्ट के आधार पर जय बाजपेई के रिवॉल्वर लाइसेंस को मंजूरी दी थी. सीसामऊ विधायक इलफान सोलंकी की पैरवी पर डीएम आलोक कुमार ने लाइसेंस की मंजूरी 8 जनवरी 2008 को दी थी और 29 जनवरी 2008 को लाइसेंस जारी किया गया था. उस वक्त डीएम ने 50 हजार की NSC लगाने का आदेश दिया था. लेकिन विधायक ने पैरवी करके लेटरपैड पर NSC माफ करने की सिफारिश की थी. जिसके बाद डीएम ने 30 हजार की NSC माफ करते हुए 20 हजार रुपए की NSC पर लाइसेंस जारी कर दिया.

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बिना गवाहों के जारी हुआ था रिवॉल्वर का लाइसेंस

असलहे का लाइसेंस जारी कराने के लिए रिपोर्ट से पहले दो गवाहों के शपथ पत्र की भी जरूरत पड़ती है. विधायक के दखल के कारण जय बाजपेई के लाइसेंस जारी होने में किसी भी गवाह का शपथ पत्र नहीं लिया गया. इतना ही नहीं इसमें एसीएम, सीओ, एसएसपी के अलावा अन्य ने भी पॉजीटिव रिपोर्ट लगा दी थी.

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लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी रिवॉल्वर लिए घूमता रहा जय

जय बाजपेई पर कई मुकदमे दर्ज होने के बाद 30 जून 2014 को उसकी रिवॉल्वर का लाइसेंस तत्कालीन डीएम डॉ रोशन जैकब ने निरस्त कर दिया था. इसके बाद उस समय के कमिश्नर मो. इफ्तेखारुद्दीन ने डीएम के आदेश को निरस्त करके मामले की नए सिरे से जांच कराने का आदेश दिया था. लेकिन डीएम कोर्ट में तारीख पर तारीख लगने से जांच ठंडे बस्ते में चली गई. कोर्ट के आदेश के बिना पुलिस ने कमिश्नर के आदेश पर जय बाजपेई की रिवॉल्वर रिलीज़ कर दी, जिसे वो लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी 6 साल तक लिए घूमता रहा.

 

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