कानपुरः कोरोना मरीजों की जांच करते-करते बेहोश होकर गिरे डॉक्टर, नॉन-स्टॉप काम से बढ़ रहा प्रेशर

Smart News Team, Last updated: 14/10/2020 11:09 PM IST
  • कानपुर में लगातार काम करने से डाॅक्टरों पर दबाव बढ़ रहा है. कानपुर के हैलेट के न्यूरो कोविड हाॅस्पिटल में कोरोना मरीजों की जांच करते हुए प्रोफेसर आदित्य कुमार बेहोश होकर गिर पड़े.
कानपुर में कोरोना मरीजों की जांच करते-करते डाॅक्टर बेहोश होकर गिर पड़े. प्रतीकात्मक तस्वीर

कानपुर. कानपुर में 6 महीने से कोविड-19 मरीजों का इलाज कर रहे डाॅक्टरों पर लगातार काम करने से दबाव पड़ रहा है. बुधवार को कानपुर के हैलेट के न्यूरो कोविड हाॅस्पिटल में कोरोना मरीजों की जांच करते हुए प्रोफेसर आदित्य कुमार बेहोश होकर गिर पड़े. जिसके बाद उनको आनन-फानन में वेंटिलेटर में शिफ्ट किया गया.

कोरोना के पांच मरीजों की जांच करने के बाद प्रोफेसर आदित्य कुमार बेहोश होकर गिर पड़े. बेहोश होने के कुछ सेंकेंड के बाद ही जीवीएसएम मेडिकल काॅलेज के डाॅक्टर आदित्य कुमार का ऑक्सीजन लेवल सिर्फ 88 फीसदी रह गया था. जिससे अस्पताल में हड़कंप मच गया. जिसके बाद उनको वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया. शाम तक उनकी हालत में सुधार आ गया है. उप प्राचार्य प्रोफेसर रिचा गिरी ने कहा कि हाइपाॅक्सिया से इलेक्टोलाइट सिस्टम बिगड़ा और वाॅर्ड में बेहोश होकर गिर गए थे. उनको अभी आराम की सलाह दी गई है.

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बताया जा रहा है कि लगातार काम करने से डाॅक्टरों पर दबाव पड़ रहा है. छुट्टी न मिलने की वजह से नाॅन-स्टाॅप काम करना पड़ रहा है. लगातार पीपीई किट और वायरल लोड के बीच मरीजों का इलाज करना डाॅक्टरों के लिए भी चुनौती बन गया है. पीपीई किट से डिहाइड्रेशन की स्थिति पैदा हो रही है. 

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प्रोफेसर रिचा वर्मा ने माना कि कोरोना मरीजों का इलाज करते-करते सवा सौ से ज्यादा डाॅक्टर कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. आपको बता दें कि कानपुर में कोरोना की कुल संख्या 26 हजार 899 हो गई है. इसमें से 23 हजार 552 लोग ठीक होकर घर लौट चुके हैं. कोरोना से कानपुर में 704 लोगों की जान जा चुकी है.

 

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