देसी उत्पादों को ब्रांड बनाकर विदेशों में निर्यात कर रहे छोटे व्यापारी

Smart News Team, Last updated: Tue, 13th Apr 2021, 3:39 PM IST
कोरोना महामारी के चलते देश के व्यापारियों ने देसी उत्पादों को ब्रांड के तौर पर उत्पादित कर रहे हैं. यूरोप ,अमेरिका में भारत की बनी  वस्तुओं का बहुत मांग है. मांग का फायदा उठाकर व्यापारियों ने फर्नीचर, हर्बल चाय, खादी के बने मास्क, कपड़े, देसी घी, मक्खन, मट्ठा, काढ़ा को पैक करके विदेश भेज रहे हैं.  
 देसी उत्पादों को ब्रांड बनाकर विदेशों में निर्यात कर रहे छोटे व्यापारी.( सांकेतिक फोटो )

कानपुर: कोरोना महामारी से देश के व्यापारियों को एक बड़ा झटका लगा है. देश के प्रधानमंत्री ने व्यापारियों को  उत्साहित करने के लिए वोकल फॉर लोकल मुहिम का नारा दिया. प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल मुहिम से देश के छोटे व्यापारियों ने देसी उत्पादों को ग्लोबल पहचान देना शुरू कर दिया है. व्यापारियों ने खादी से बने मास्क पैकेजिंग देसी घी, हर्बल चाय, मट्ठा, मक्खन बना कर विदेश में निर्यात करना शुरू कर दिया है. छोटे व्यापारियों ने पहले चरण में 100 करोड़ का देसी माल निर्यात करने का लक्ष्य बनाया है.

अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में भारत में बनी सूती वस्त्रों की काफी मांग है. जिसको ध्यान रख कर व्यापारियों ने खादी से बने कपड़े, मास्क का उत्पादन बढ़ा दिया है. स्वराज आश्रम के मंत्री प्रेम सिंह सेंगर के अनुसार उनका आश्रम सूती कपड़े से स्किन फ्रेंडली मास्क बना रहा है. यह इको फ्रेंडली मास्क गर्मी में नमी और हवा दार होगा. मंत्री ने बताया कि इस मास्क को ब्राजील सऊदी अरब जैसे गर्म देशों में निर्यात किया.जाएगा. जहां उसकी अच्छी खासी मांग है. फर्नीचर के कारोबार में चीन की पकड़ मानी जाती है. लेकिन कोरोना के बाद से भारत भी चीन को टक्कर दे रहा है. गीडा के फर्नीचर व्यापारियों ने नेपाल और यूरोप जैसे देशों में पिछले 6 महीने में करीब 5 करोड़ रुपए का फर्नीचर निर्यात कर चुके हैं. गीडा के बने चप्पल, हार्डवेयर, गुटका, सैनिटरी नैपकिन भी नेपाल जाता है.

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कोरोना महामारी के बाद से लोगों ने अपने खानपान में हर्बल वस्तुओं का प्रयोग बढ़ा दिया है. भारत में और विदेशों में हर्बल चाय की मांग बढ़ रही है. इसके लिए व्यापारियों ने हर्बल चाय और देसी काढ़े का ब्रांड तैयार करके यूरोप में निर्यात करने का योजना बनाया है. फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन के चीफ एडवाइजर वाईएस गर्ग ने बताया कि देश के उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडिंग कर निर्यात बाजार में भेजा जाएगा. जिससे करीब 650 निर्यातक पैदा होंगे.

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