मोहिनी चाय ग्रुप के एमडी पर भाई ने दर्ज कराई FIR, करोड़ों के फ्रॉड का लगाया आरोप

Smart News Team, Last updated: Mon, 9th Aug 2021, 12:43 PM IST
  • मोहिनी चाय बनाने वाली कंपनी मोहिनी टी लीव्स प्राइवेट लिमिटेड के एमडी रमेश चंद्र अग्रवाल के खिलाफ उनके भाई और निदेशक दिनेश चंद्र अग्रवाल ने कोविड काल में राहत के लिए दिए गए अतिरिक्त लोन के नाम पर करोड़ों के फ्रॉड के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है.
मोहिनी चाय ग्रुप के एमडी पर करोड़ों के फ्रॉड का आरोप (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कानपुर. देश में चाय के टॉप ब्रांड्स में से एक मोहिनी चाय बनाने वाली कंपनी मोहिनी टी लीव्स प्राइवेट लिमिटेड के एमडी रमेश चंद्र अग्रवाल के खिलाफ उनके भाई और निदेशक दिनेश चंद्र अग्रवाल ने अतिरिक्त लोन के नाम पर करोड़ों का फ्रॉड करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है. उन्होंने आरोप लगाया है कोरोना काल में कंपनी के नाम पर एक निदेशक ने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को सूचना दिए बगैर 2.40 करोड़ का लोन लिया और यस बैंक से सांठगांठ कर इस रकम को निजी खाते में ट्रांसफर करवा लिया. दिनेश ने एफआईआर में भाई रमेश के साथ भाभी अमिता अग्रवाल, भतीजा हर्षित अग्रवाल, बहु पूजा अग्रवाल, एमरजिंग लोकल कॉरपोरेट की वाइस प्रेसीडेंट प्रिया वर्मा और सीनियर वाइस प्रेसीडेंट जावेद खान को भी आरोपी बनाया है.

दिनेश चंद्र अग्रवाल की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार सिलीगुड़ी में रजिस्टर्ड मोहिनी ग्रुप की एक कंपनी एमटीएल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड है. जिसके निदेशक रमेश चंद्र अग्रवाल, हर्षित अग्रवाल, पूजा अग्रवाल, अमित अग्रवाल, दिनेश चंद्र अग्रवाल और सुरेश चंद्र अग्रवाल हैं. इस कंपनी में दिनेश की हिस्सेदारी 20 फीसदी है. इस कंपनी को रमेश और हर्षित सक्रिय रूप से देखते है. प्रधानमंत्री ने कोरोना काल में उद्यमियों को राहत देने के लिए 20 प्रतिशत अतिरिक्त लोन देने की घोषणा की थी. इस मामले की शुरूआत तभी से हुई.

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आरोप है कि 17 फरवरी को निदेशक हर्षित अग्रवाल ने कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को सूचना दिए बिना यस बैंक की सिविल लाइंस शाखा में 2.40 करोड़ रुपये लोन के लिए आवेदन किया था. जिसके बाद 15 मार्च को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मंजूरी के बिना ही इस रकम को कंपनी के लोन खाते में ट्रांसफर करा लिया. रमेश और हर्षित ने लोन खाते से 17 और 19 मार्च को बिना बताए 70 लाख रुपये निकाल लिए. लेकिन लोन राशि निदेशकों के हस्ताक्षर और जानकारी के बिना नहीं निकाली जा सकती, इसलिए बैंक अफसरों से सांठगांठ की गई.

रमेश चंद्र अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने 27 मार्च को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग के अभिलेखों में धोखाधड़ी की. साथ ही एमटीएल इंडस्ट्रीज द्वारा लोन की गांरटी के रूप में दिनेश और सुरेश के फर्जी हस्ताक्षर कर लेटर ऑफ कम्फर्ट जमा कर दिया. लोन खाते की इस रकम का एक हिस्सा रमेश की पत्नी अमिता और बहू पूजा के निजी खातों में भी ट्रांसफर किया गया. कंपनी लोन के प्रावधानों का यह उल्लघंन है.

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