अवैध शिकार से घटी मछलियां, मत्स्य विभाग ने गंगा नदी में छोड़ी सवा लाख बीज

ABHINAV AZAD, Last updated: Fri, 8th Oct 2021, 6:06 PM IST
मत्स्य विभाग के सर्वे में खुलासा हुआ है कि अवैध शिकार के चलते गंगा से मछलियों की संख्या में लगातार कमी आ रही है. इसी के मद्देनजर विभाग अब अभियान के तहत तट पर बसे सभी 12 जिलों से कुल 15 लाख नन्हीं मछलियां गंगा में छोड़ेगा.
मत्स्य विभाग ने सभी जिलों में अलग-अलग तिथियों में सवा लाख नन्हीं मछलियां गंगा में छोड़ी.

कानपुर. अवैध शिकार के चलते गंगा से मछलियों की संख्या में लगातार कमी आ रही है. मछलियों की कम होती संख्या के कारण पानी में अशुद्धियां भी बढ़ीं हैं. दरअसल, यह तथ्य मत्स्य विभाग के सर्वे में सामने आए हैं. विभाग अब अभियान के तहत तट पर बसे सभी 12 जिलों से कुल 15 लाख नन्हीं मछलियां गंगा में छोड़ेगा. अभियान की शुरूआत 8 अक्तूबर को अटल घाट से हो गई है. यहां तकरीबन सवा लाख मछलियां छोड़ी गई.

सहायक निदेशक मत्स्य नरेन्द्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस अभियान के तहत मत्स्य विभाग सभी जिलों में अलग-अलग तिथियों में सवा लाख नन्हीं मछलियां गंगा में छोड़ी गई है. कानपुर में अटल घाट पर सुबह 10 बजे हुए कार्यक्रम में विधायक महेश त्रिवेदी,गंगा बचाओ अभियान से जुड़ीं संस्थाएं और क्षेत्रीय लोगों की उपस्थिति में सवा लाख नन्हीं रेहू, कतला और नैन जैसी मेजर इंडियन कार्प मछलियां नदी में छोड़ी गई.

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सहायक निदेशक मत्स्य नरेन्द्र कुमार अग्रवाल के मुताबिक, सवा लाख नन्हीं रेहू, कतला और नैन जैसी मेजर इंडियन कार्प को गंगा में छोड़ा जाएगा. जो कि करीब 6 महीने में पूर्ण विकसित हो जाएंगी. उन्होंने आगे बताया कि यह मछलियां पानी को शुद्ध रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि पहले गंगा में झींगा और कछुओं की कई प्रजाति भी पाई जाती थी. लेकिन अब यह दिखती नहीं है.

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