कानपुर जेल में क्षमता से अधिक कैदी, टूटा 160 साल का रिकॉर्ड

Smart News Team, Last updated: Tue, 23rd Mar 2021, 10:27 AM IST
  • जिला जेल में कैदियों की संख्या के मामले में 160 साल पुराना रिकार्ड टूट गया है. बताते चलें कि कानपुर जेल की स्थापना 1860 में हुई थी. 160 सालों के इतिहास में ऐसा पहली बार कैदियों का आंकड़ा 2868 को पार कर गया है. जबकि, जेल की क्षमता महज 1245 कैदी रखने की है.
कानपुर जेल की क्षमता महज 1245 कैदी रखने की है. (प्रतिकात्मक फोटो)

कानपुर- कानपुर जेल में कोरोना संक्रमित कैदियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने से जेल के कैदियों में हड़कंप मचा हुआ है. इस बीच जिला जेल में कैदियों की संख्या के मामले में 160 साल पुराना रिकार्ड टूट गया है. बताते चलें कि कानपुर जेल की स्थापना 1860 में हुई थी. 160 सालों के इतिहास में ऐसा पहली बार कैदियों का आंकड़ा 2868 को पार कर गया है. जबकि, जेल की क्षमता महज 1245 कैदी रखने की है.

बता दें कि बीते दिनों कानपुर जेल में 12 कैदियों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी. इसके बाद से जेल और जिला प्रशासन की नींद उड़ गई है. सूत्र बताते हैं कि बंदियों को रखने के लिए 25 वर्ग बनाए गई थी जिसमें कैदियों को रखने की क्षमता 1245 है लेकिन मौजूदा समय में जेल में 2868 बंदी हैं. इससे पहले वर्ष 2017 में बंदियों कैदियों की संख्या 2600 के लगभग पहुंची थी.

IPL की तर्ज पर बीपीएल का आयोजन, नेशनल से लेकर जिला स्तर के खिलाड़ी लेंगे हिस्सा

जानकार बताते हैं कि अगर ऐसे में कोरोना का संक्रमण फैला तो काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. इसके मद्देनजर जेल प्रशासन ने जिला प्रशासन और डीआईजी को पत्र भी लिखा है. जिसके बाद जिलाधिकारी आलोक तिवारी ने डीआईजी जितेंद्र सिंह जेल अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात पर चर्चा की. जिलाधिकारी के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग की 8 टीमें गठित की गई. टीम ने जेल में बंद कैदियों और स्टाफ के नमूने सैंपल लिए.

पत्नी से झगड़े के बाद हुआ कुछ ऐसा कि पति ने शराब को कभी ना पीने की खाई कसम

कानपुर सर्राफा बाजार में सोना फिसला चांदी रही स्थिर, आज का मंडी भाव

गर्लफ्रेंड के प्यार ने सलाखों के पीछे पहुंचाया, एक लाख का इनामी बदमाश अरेस्ट

CBSE ने कहा - कोविड में फंसे तो प्रैक्टिकल, थ्योरी के लिए बदल सकते हैं शहर

कानपुर में एकबार फिर बिकरू कांड जैसी घटना को अंजाम देने की कोशिश, 4 अरेस्ट

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें