कानपुर GSVM में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल चौथे दिन भी नहीं टूटी, मरीज परेशान

Indrajeet kumar, Last updated: Tue, 21st Dec 2021, 4:29 PM IST
  • कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में अपनी मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल लगातार चौथे दिन भी जारी है. मंगलवार को जूनियर डॉक्टर सिर्फ सिर्फ इमरजेंसी में आए थे, जबकि ओपीडी और ऑपरेशन थिएटर में सेवाएं नहीं दीं। जिससे मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
कानपुर जीएसवीएम कॉलेज में हड़ताल पर बैठे डॉक्टर

कानपुर के जी एसवीएम मेडिकल कॉलेज में लगातार चौथे दिन भी जूनियर डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर डटे रहे. जूनियर डॉक्टर मंगलवार को केवल इमरजेंसी सेवा में शामिल रहे जबकि ओपीडी और ऑपरेशन थिएटर में सेवाएं नहीं दी. डॉक्टरों के हड़ताल के कारण आने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. हड़ताल की वजह से ऑपरेशन भी कम रहे हैं. वही प्लान सर्जरी के मरीज भी हैलट हॉस्पिटल में कम ही भर्ती किए जा रहे हैं. हालांकि इमरजेंसी सर्जरी अब भी जारी है. जूनियर डॉक्टर इमरजेंसी के सामने ही धरने पर बैठे हैं. जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं की जाएगी. तब तक हुए धरना जारी रखेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि हम धरना के कारण आवश्यक सेवाओं को बाधित नहीं करेंगे.

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सभी रेजिडेंट डॉक्टर सिफ्ट के हिसाब से बारी बारी एलएलआर इमरजेंसी के बाहर धरना पर बैठ रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि वे देश व्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. इमरजेंसी में धरना के साथ ओपीड में भी 17 दिसंबर से कार्य का बहिष्कार किया जा रहा है. कार्य बहिष्कार कर रहे जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि आम लोगों और मरीजों को कोई नुकसान ना हो इसलिए इमरजेंसी सेवाएं, आईसीयू, पीआईसीयू और कोरोना सेवाओं पर 24 घंटे अपनी सेवा दे रहे हैं.

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हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों का कहना है कि केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट से हमारी मांग है कि पीजी काउंसलिंग पर जल्दी निर्णय लिया जाए. ताकि नए जूनियर रेजिडेंट अस्पताल में आकर सेवा दे सकें. जिससे मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधाएं मिलेंगी साथ ही कोरोना के संभावित तीसरी लहर से भी मुकाबला किया जा सकेगा.

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