Zika Virus: कानपुर में जीका रोकथाम के लिए 100 टीमों का गठन, 176 लोगों के लिए गए सैंपल

ABHINAV AZAD, Last updated: Sat, 13th Nov 2021, 12:25 PM IST
  • कानपुर समेत उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में जीका वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. अब स्वास्थ्य विभाग ने जीका रोकथाम के लिए कानपुर में 100 टीमों का गठन किया है, ताकि जीका के बढ़ते मामले को काबू किया जा सके.
(प्रतीकात्मक फोटो)

कानपुर. जीका वायरस से संक्रमित मरीजों की तादाद लगातार तेजी से बढ़ रही है. अब जीका की रोकथाम के लिए 100 टीमें बनाई गई है. साथ ही 176 जीका के लक्षण वाले लोगों के सैंपल लिए गए. टेस्ट के लिए गए सैंपलों में गर्भवती महिलाओं के सैंपल भी शामिल हैं. बहरहाल, 176 जीका के लक्षण वाले लोगों को रिपोर्ट आने तक होम आइसोलेट कर दिया गया है.

उत्तर प्रदेश में जीका वायरस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. दरअसल, त्योहारों पर हुए लोगों के आवाजाही से जीका वायरस के मामले बढ़ने का अंदेशा जताया जा रहा है. कानपुर के अलावा पूरे प्रदेश में जीका वायरस के मामलों में इजाफा हुआ है जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी बुखार के मरीजों को डॉक्टर से सलाह उपचार लेने की सलाह दी है. वैसे तो प्रदेश में डेंगू और मलेरिया के मामले भी बड़ रहे है, लेकिन जीका ने स्वास्थ्य विभाग और लोगों की परेशानियों को बढ़ा दिया है. ऐसा माना जाता है कि एडिस मच्छर के काटने से मनुष्य में जीका वायरस फैलता है.

यूपी में जीका वायरस का कहर, स्वास्थ्य विभाग ने बुखार आने पर दी डॉक्टर जांच की सलाह

विशेषज्ञों का मानना है कि बुखार पीड़ित व्यक्ति के शरीर पर यदि चकत्ते नजर आते है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें. डॉक्टरों का मानना है कि जीका वायरस भी एडीज मच्छर के काटने से हो सकता है. साथ ही इसी मच्छर के काटने से डेंगू भी हो सकता है. डॉक्टरों के अनुसार, आंखें लाल, सिर में दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, थकावट, लक्षण, आमतौर पर 2 से 7 दिनों तक चलते हैं तो तुरंत जीका वायरस की जांच करा लें. जानकार बताते हैं कि जीका वायरस गर्भ में पल रहे भ्रूण तक आसानी से पहुंचता है. इसके लिए आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सर्वे शुरू करा दिया गया है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें