IIT कानपुर ने बनाई एप, किस अस्पताल में कितनी बची ऑक्सीजन मिलेगी जानकारी, पढ़ें

Smart News Team, Last updated: Wed, 28th Apr 2021, 10:27 AM IST
  •  अपर मुख्य अपर सचिव अवनीश अवस्थी ने आईआईटी, छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय, एचबीटीयू समेत प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों के साथ बैठक की थी. आईआईटी प्रफेसर मणींद्र अग्रवाल ने सोमवार तक ऑक्सिजन ऑडिट ऐप सौंपने का भरोसा दिया था.
IIT कानपुर ने बनाई एप, किस अस्पताल में कितनी बची ऑक्सीजन मिलेगी जानकारी, पढ़ें

कानपुर। इस वक्त पूरे देश में फैले कोरोना वायरस के संक्रमण ने सीधा इंसानों की सांसों पर हमला किया है. ऑक्सीजन न मिलने की वजह से न जाने कितने मरीजों ने दम तोड़ दिया. इसके असली आंकड़े अभी तक किसी के पास नहीं हैं और न ही कोई अभी जुटा सकता है. इन्ही सब परेशानियों को ध्यान में रखते हुए शासन के आदेश अनुसार आईआईटी कानपुर ने ऑक्सिजन ऑडिट ऐप तैयार किया है. इस ऐप की मदद से ऑक्सिजन की किल्लत पर काबू पाने में काफी मदद मिलेगी. आईआईटी कानपुर ने 24 घंटे में ही ऐप बनाकर शासन को सौंप दी है.

इस ऑक्सिजन ऑडिट सिस्टम ऐप की मदद से जानकारी हासिल कर सकते हैं कि कौन से अस्पतालों में कितनी ऑक्सिजन है. अस्पतालों में कितनी ऑक्सिजन खपत है और कितने दिनों की ऑक्सिजन बची हुई है. इस एप की मदद से जरूरत पड़ने पर ऑक्सिजन को निश्चित समय में भेजा जा सकता है.

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प्रशासन का आदेश मिलने के बाद बीते रविवार को अपर मुख्य अपर सचिव अवनीश अवस्थी ने आईआईटी, छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय, एचबीटीयू समेत प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों के साथ बैठक की थी. आईआईटी प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने सोमवार तक ऑक्सिजन ऑडिट ऐप सौंपने का भरोसा दिया था. इस एप की निर्माण टीम में एकेटीयू और सीएसजेएमयू के कुलपति भी शामिल थे. इस एप के लिए प्रदेश के विश्वविद्यालय अस्पतालों से डाटा इकट्ठा करेंगें. यह ऐप एल्गोरिदम पर अपनी रिपोर्ट देगा. जिसके आधार पर ऑक्सिजन की आपूर्ति की जाएगी.

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डाटा इकट्ठा करने के लिए विश्वविद्यालयों को मिली जिम्मेदारी

छत्रपति साहूजी महाराज विश्वविद्यालय को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की जिम्मेदारी दी गई है. एचबीटीयू को सैफई मेडिकल कॉलेज और उर्सला अस्पताल और रामा हॉस्पिटल की जिम्मेदारी सौंपी गई है. बीएचयू को उसके आसपास के अस्पतालों की जिम्मेदारी सौंपी गई है. एमएमएमयूटी गोरखपुर को बीआरडी मेडिकल कॉलेज और आसपास के सभी अस्पतालों की जिम्मेदारी सौंपी गई है. एनआईटी को प्रयागराज की अस्पतालों की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

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