IIT कानपुर के वैज्ञानिकों का दावा, भारत में इस तारीख को आएगी कोरोना की चौथी लहर

Komal Sultaniya, Last updated: Sun, 27th Feb 2022, 4:07 PM IST
  • देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर कम होने के बीच अब चौथी लहर को लेकर भविष्यवाणी की गई है. आईआईटी (IIT) कानपुर के एक्सपर्ट का कहना है कि देश में 22 जून के आसपास कोरोना वायरस की चौथी लहर दस्तक दे सकती है. साथ ही चौथी लहर के 24 अक्टूबर तक जारी रहने का अनुमान है.
IIT कानपुर के वैज्ञानिकों का दावा, भारत में इस तारीख को आएगी कोरोना की चौथी लहर

कानपुर. देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर कम होने के बीच अब चौथी लहर को लेकर भविष्यवाणी की गई है. आईआईटी (IIT) कानपुर के एक्सपर्ट का कहना है कि देश में 22 जून के आसपास कोरोना वायरस की चौथी लहर दस्तक दे सकती है.चौथी लहर का असर 24 अक्टूबर तक जारी रह सकती है. चौथी लहर की गंभीरता, हालांकि, कोरोना वायरस के नए वेरिएंट के सामने आने पर निर्भर करेगी.

कोरोना की चौथी लहर में बूस्टर डोज के साथ ही वैक्सीनेशन की स्थिति काफी महत्वपूर्ण रहेगी. आईआईटी कानपुर के रिसर्चर्स ने कहा है कि कोविड -19 की चौथी लहर कम से कम चार महीने तक चलेगी. यह सांख्यिकीय भविष्यवाणी 24 फरवरी को प्रीप्रिंट सर्वर MedRxiv पर पब्लिश हुई है. एक्सपर्ट का कहना है कि चौथी लहर का कर्व 15 अगस्त से 31 अगस्त तक पीक पर पहुंच जाएगा. इसके बाद इसमें कमी आनी शुरू हो जाएगी.

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यह तीसरी बार है जब आईआईटी कानपुर के रिसर्चर्स ने देश में कोविड -19 लहर की भविष्यवाणी की है. उनकी भविष्यवाणियां, विशेष रूप से तीसरी लहर के बारे में लगभग सटीक रही हैं. ये रिसर्च आईआईटी कानपुर के मैथमैटिक्स एंड स्टैटिस्टिक डिपार्टमेंट के एसपी राजेशभाई, सुभरा शंकर धर और शलभ ने की थी. अपनी भविष्यवाणी के लिए टीम ने सांख्यिकीय मॉडल का उपयोग करते हुए कहा कि कोरोना की चौथी लहर कोरोना महामारी की शुरुआत के करीब 936 दिन बाद आ सकती है.

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ऐसे में चौथी लहर (अनुमानित) 22 जून से शुरू हो सकती है. यह 23 अगस्त को अपने पीक पर पहुंचेगी और 24 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगी. टीम ने चौथी लहर के पीक के समय बिंदु के गैप की गणना करने के लिए 'बूटस्ट्रैप' नामक एक मैथड का यूज किया. उन्होंने कहा कि इस मेथड का उपयोग अन्य देशों में भी चौथी और अन्य लहर की भविष्यवाणी के लिए किया जा सकता है.

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रिपोर्ट के मुताबिक, वैज्ञानिकों ने बताया है कि चौथी लहर 15 अगस्त से 31 अगस्त के आसपास पीक पर होगी. इसके बाद केसेज घटने लगेंगे. ओमिक्रॉन के बाद वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ( WHO) के वैज्ञानिक कह चुके हैं कि यह आखिरी वैरियंट नहीं था। उन्होंने बताया था कि नया वैरियंट आने में वक्त लग सकता है पर आना तय है. साइंटिस्ट मारिय वान करखोफ ने बताया था कि कोरोना वायरस के म्यूटेशन को वैज्ञानिक लगातार ट्रेस कर रहे हैं.

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