कानपुर में सड़क की बदहाली को लेकर सपा का रोड पर धान बुआई प्रदर्शन

Smart News Team, Last updated: 07/08/2020 08:04 PM IST
  • कानपुर.आवास विकास की रिहायशी योजना को विजयनगर से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग की दुर्दशा को लेकर शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ब्रह्मदेव मंदिर से शन्नेश्वर मंदिर के मध्य पैदल मार्च कर प्रदर्शन किया और गड्ढों में धान की रोपाई करते हुए मार्ग के पुनर्निर्माण की माँग की.
समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता

आवास विकास की रिहायशी योजना को विजयनगर से जोड़ने वाली मुख्य मार्ग की दशा बेहद ही खराब है. विगत 3 वर्षों से खराब पड़ी सड़क में जगह-जगह गड्ढे हैं और यहाँ आये दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं। इसको लेकर शुक्रवार को गोविंद नगर विधानसभा से प्रत्याशी रहे सपा नेता सम्राट विकास के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए शासन-प्रशासन से सड़क बनवाने की मांग की. सपा कार्यकर्त्ता ब्रह्मदेव मंदिर से शन्नेश्वर मंदिर के मध्य एकत्र होकर धरना प्रदर्शन और पैदल मार्च किया. वहीं सम्राट विकास के नेतृत्व में सड़क से हुए जलजमाव में धान रोपाई कर अपना विरोध दर्ज कराया.

गौरतलब है कि ब्रह्मदेव मंदिर चौराहे से शन्नेश्वर मंदिर चौराहे का मुख्य मार्ग करीब 3 वर्ष से बहुत खराब स्थिति में है और आये दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं. बरसात के मौसम में स्थिति और भी बदतर हो जाता है. जबकि जलभराव के मध्य स्मार्ट सिटी कानपुर का बोर्ड प्रशासन बदहाली की तसदीक करता है।

सम्राट विकास ने कहा कि स्मार्ट सिटी के बोर्ड के नीचे ऐसी दुर्दशा सरकार के दावों की पोल खोल रही है. उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन के दिन दर्जन भर क्षेत्र वासियों और महिलाओं के वाहन आदि इसी जलजमाव में गिर गए, जिससे उन्हें काफी चोटें आई हैं. जिस कारण विरोध करते हुए सड़क बनवाने की मांग की जा रही है. सम्राट ने बताया कि सपा शासनकाल में यह आदर्श मार्ग था, जो अब दुर्दशा का शिकार है. विकास ने ऐलान किया कि यदि यह सड़क एक सप्ताह तक ठीक नहीं हुई तो नगर निगम का घेराव किया जाएगा. उन्होंने नगर निगम के उत्तरदाई अधिकारी के मौके पर पहुंचने और संतोषजनक आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त किया. इस प्रदर्शन में प्रमुख रूप से आकाश यादव, हिमांशु साहू, सुधीर यादव, अनिल यादव, मोहम्मद सलमान, उपेंद्र सिंह, बाबू यादव, मुकेश, उमेश कुमार, रोहित, गौतम, गिरजेश व हेमंत यादव आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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