67 करोड़ का इनकम टैक्स कर दिया माफ, CAG ने पकड़ा करप्शन का मामला

Smart News Team, Last updated: Wed, 30th Sep 2020, 3:23 PM IST
  • आयकर विभाग में टैक्स की हेराफेरी के मामले को कैग(CAG) ने सभी के सामने लाकर रख दिया है. इनकम टैक्स के अधिकारी एडजस्टमेंट के नाम पर करोड़ों का कर माफ कर देते हैं. 
इनकम टैक्स भरने वालों को आयकर विभाग के अफसर करते हैं परेशान, CAG ने किया खुलासा

कानपुर. कम्पट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (CAG) ने इनकम टैक्स में कर घटाने और बढ़ाने के खेल का भांडाफोड़ किया है. इनकम टैक्स के अधिकारी देशभर में कर में हेरफेर कर रहे हैं. टैक्स हेराफेरी के सौ से ज्यादा केस अकेले कानपुर में हैं. 

कानपुर में 200 करोड़ बकाया टैक्स पर 67 करोड़ के ब्याज को इनकम टैक्स अफसर ने खुद ही माफ कर दिया. कैग की जांच में हेरफेर पकड़ा गया तो आयकर विभाग ने अपनी गलती को स्वीकार किया और बकाया टैक्स को संशोधित किया. आश्चर्य की बात ये है कि हेरफेर करने वाले अफसर के खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं की गई.

कैग ने अपनी रिपोर्ट 23 सितंबर को जारी की थी जिसमें इनकम टैक्स में अरबों रुपए के कर का यह मामला प्रधान आयकर आयुक्त द्वितीय से जुड़ा है. कानपुर की एक कंपनी ने 2018 में अपनी आय 605 करोड़ रुपए दिखाई जिसके लिए कंपनी पर इनकम टैक्स विभाग ने 205 करोड़ रुपए का कर निकाला. जिसपर 67 करोड़ रुपए का ब्याज था जो समय पर टैक्स नहीं देने के कारण लगाया गया था. ये आटोमेटिक सिस्टम से जनरेट टैक्स बिल्कुल ठीक था लेकिन इसी के बाद से गड़बड़ी का खेल शुरू हुआ. 

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कानपुर की कंपनी के इस केस को देखने वाले अफसर ने कंप्यूटर से ब्याज की रकम को जीरो यानी शून्य कर दिया. पिछले साल सितंबर में कैग की आडिट के दौरान जब यह मामला सामने आया तो आयकर विभाग से जवाब मांगा गया.  आयकर विभाग ने इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया.

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आयकर विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार पर कैग ने कहा कि करदाताओं का परेशान करने और घूस मांगने के लिए टैक्स को जानबूझकर बढ़ाया जाता है जिससे डबल टैक्स लगाया जाता है और लोगों को नोटिस भेज दिया जाता है.  

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