कानपुर: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने शुरू की तरबियत कोर्स, सिखाया जाएगा निकाह को कामयाब बनाने का तरीका

Priya Gupta, Last updated: Tue, 21st Sep 2021, 11:18 AM IST
  • ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने एक नई पहल की है. बोर्ड ने तरबियती कोर्स की शुरुआत की है. जिसका उद्देश्य शादीशुदा जीवन को सफल बनाना है. 
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ने की नई पहल

कानपुर: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने निकाह को सफल बनाने और तरबियत सिखाने के लिए 6 महीने की तरबियती कोर्स की शुरुआत की है. जिसमें निकाह के बाद वैवाहिक जीवन में कैसे रहा जाए उसे कैसे सफल और खुशहाल बनाया जाए इसके बारे में बताया जाएगा. इसके लिए हर शहर में कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी. उन्हें निकाह से पहले शिष्टाचार सिखाया जाएगा, जिससे बेवजह तलाक और तकरार के मामलों को कम किया जा सके. महिलाओं के लिए खासकर से दीनी इज्तेमा आयोजित की जाएंगी.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड निकाह में होने वाले रश्मों को खत्म करने के लिए भी मुहिम चला रहा है. लोगों को सादगी से निकाह करने की और दहेज लेन-देन बंद करने को लेकर जागरुक किया जा रहा है. इसके बाद अब शादी में तलाक की नौबत न आए और वैवाहिक जीवन खुश शांति से बीते इसके लिए नए कोर्स की शुरुआत की है. इस तरबियती कोर्स के अंतर्गत हर शहर में युवक-युवतियों को एक साथ लाने का काम किया जाएगा. खासकर उन्हे ये कोर्स कराया जाएगा जिनकी शादी होने वाली है.

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कोर्स के माध्यम से शरई मार्गदर्शन कर छोटे-छोटे झगड़ों और मतभेद से मामला तलाक तक पहुंचने से रोका जाएगा. शादीशुदा जिंदगी बेहतर बनाने की कोशिश होगी. कार्यशालाएं आयोजित कर काउंसिलिंग की जाएगी. इसमें आपसी मतभेद दूर कर जिंदगी बेहतर तरीके से गुजारने के तरीके बताए जाएंगे.शादीशुदा मुस्लिमों में घरेलू झगड़ों की संख्या बढ़ रही है. कई तलाक के मामले भी सामने आ रहे हैं. उन्हें तरबियत (शिष्टाचार) कोर्स के जरिए समझाया जाएगा.

6 महिने के ये कोर्स तैयार किया जा रहा है, जल्द ही इसे पढ़ाने की शुरुआत की जाएगी. कोर्स करने वाले युवक-युवतियों को प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा. उनकी काउंसिलिंग भी की जाएगी, ताकि और बेहतर समाज का निर्माण हो सके.

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