कानपुर: CBI जांच में फंसी चुन्नीगंज मेट्रो स्टेशन की जमीन, अटका निर्माण

Smart News Team, Last updated: 26/08/2020 11:55 AM IST
  • कानपुर में मेट्रो परियोजना का काम तेजी से चल रहा है. बीआईसी की सीबीआई जांच में अटकी जमीन की वजह से चुन्नीगंज मेट्रो स्टेशन के लिए नही मिली एनओसी.यूपीएमआरसी के अधिकारी अन्य विवादित जमीनों के एनओसी के लिए कोशिश कर रहे हैं.एनओसी नही मिलने के कारण लेन में बदलाव कर सकते हैं. 
कानपुर मेट्रो

कानपुर: बीआईसी के जमीन विवाद के कारण चुन्नीगंज के पास प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन का निर्माण अटक गया है .जब तक विवादित जमीन की सीबीआई जांच नही हो जाती तब तक इसकी एनओसी नही मिल सकती.मेट्रो स्टेशन व अंडरग्राउंड लेन बनाने के लिए चयनित कई जमीनें विवादित हैं.

जानकारी के मुताबिक कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे फेज में मोतीझील से रायगंज के बीच अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन बनाया जाना है। जबकि तीसरे फेज के लिए इससे आगे ट्रांसपोर्टनगर तक अंडरग्राउंड और इसके बाद नौबस्ता तक एलीवेटेड स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है. अधिकारियों के अनुसार इसमें दूसरे फेज के लिए 1400 करोड़ रुपए के टेंडर पहले ही निकाले जा चुके हैं. टेंडर फाइनल होते ही बृजेंद्र स्वरूप पार्क से अंडरग्राउंड मेट्रो लेन बनाने का काम शुरू होना था.

कानपुर: संगीतकार-गीतकार व गृहस्थ संत रमेेश मरोलिया का दिल का दौरा पड़ने से निधन

हर्षनगर के बाद अगला पड़ाव चुन्नीगंज ही है. वहां मेट्रो स्टेशन के साथ एंटरी और एग्जिग गेट बनाने के लिए यूपीएमआरसी ने बीआईसी से बस स्टेशन के सामने की जमीन मांगी थी. इसके अलावा लाल इमली से भी एनओसी सर्टिफिकेट मांगा गया था जिसके बाद इस मामले में बीआईसी यानी ब्रिटिश इंडिया कार्पोरेशन कहा है ये जमीन विवादित हैं और इनकी सीबीआई जांच चल रही है जिस कारण ये जमीन या इसकी एनओसी अभी नहीं दी जा सकती. जिला प्रशासन ने भी यूपीएमआरसी से इस बात की पुष्टि की है.

 मेट्रो परियोजना के लिए प्रस्तावित कई अन्य जमीनें विवादित हैं.जिसके बाद यूपीएमआरसी के अधिकारियों ने कहा है कि विवादित जमीनों के बारे में बात चल रही है, स्थिति बाद में साफ होगी. रायगंज के स्टेशन का एलाइनमेंट इसीलिए बदल दिया गया था. आगे ऐसे और भी बदलाव हो सकते हैं.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें