कानपुर बीआईसी 2 महीने में बंद, लाल इमली पर ताला, कर्मचारियों को VRS देगी कंपनी

Smart News Team, Last updated: 20/08/2020 10:05 PM IST
  • कानपुर में कपड़ा मिलों का अस्तित्व खत्म होने के कगार पर है. ब्रिटिश इंडिया कॉरपोरेशन यानी बीआईसी दो महीने में बंद हो जाएगी. इसके बाद कानपुर की शान लालइमली भी इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगी.
बीआईसी चेयरमैन बलवंत कुमार ने साफ कर दिया है कि कंपनी को बंद करने का फैसला हो चुका है और अब इस पर दोबारा विचार नहीं होगा. अधिकारियों और कर्मचारियों को कंपनी ने वीआरएस देने की बात की है.

कानपुर. कानपुर में कपड़ा मिलों की बड़ी कंपनी रही ब्रिटिश इंडिया कॉरपोरेशन यानी बीआईसी दो महीने में बंद हो जाएगी और इसके मुख्यालय, धारीवाल और लाल इमली पर ताला लगा दिया जाएगा. कंपनी के चेयरमैन बलवंत कुमार ने कंपनी के बचे हुए कर्मचारियों और अधिकारियों से कहा है कि दो महीने में सारा काम निबटा लें क्योंकि बंदी को अब और टाला नहीं जाएगा. कंपनी ने कर्मचारियों को वीआरएस देने का ऐलान किया है लेकिन ये कहा है कि जिनका काम बचा रह गया उन्हेंं वीआरएस की सुविधा नहीं दी जाएगी.

बीआईसी की कई मिलें बंद हो चुकी हैं. दफ्तर के नाम पर सिर्फ बंगले बचे हैं. लाल इमली ही चल रही थी, वह भी तीन-चार सालों से बंद है. बीआईसी का मुख्यालय लाल इमली मिल में है. धारीवाल मिल भी बंद हो चुकी है. बीआईसी में लगभग 1000 अधिकारी और कर्मचारी हैं जिन्हें कई महीनों से वेतन नहीं मिल रहा है.

कानपुर: जेल में बंद 14 कैदी हुए कोरोना संक्रमित, 76 हुई कुल संक्रमित संख्या

चेयरमैन बलवंत कुमार ने अधिकारियों से वीडियो मीटिंग में कहा कि फैसला हो चुका है, दो महीने बाद बीआईसी, लाल इमली और धारीवाल का काम समेट दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि बंद करने का फैसला लिया जा चुका है और इस पर आगे कोई विचार नहीं होना है. सभी अधिकारी दो माह में दिया गया कार्य पूरा कर लें. अब बंदी को दो माह से अधिक नहीं टाला जाएगा.

कानपुर में दो और रूटों पर अंडरग्राउंड मेट्रो ट्रेन दौड़ाने की कवायद शुरू 

चेयरमैन ने अधिकारियों से यह भी कहा कि दो माह बचा है जिसमें काम पूरा करना जरूरी है. काम न पूरा कर पाने वाले अधिकारियों को वीआरएस का लाभ नहीं मिलेगा. कर्मचारियों को भी वीआरएस दो माह में दे दिया जाएगा.

कानपुर: बिकरु कांड के दो आरोपियों ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में किया सरेंडर

श्रमिक नेता आशीष पांडेय और अजय सिंह ने चेयरमैन के सामने कर्मचारियों का पक्ष रखने की कोशिश की तो चेयरमैन ने कहा कि श्रमिक नेताओं से भी बात की जाएगी. कर्मचारियों को भी वीआरएस देने की तैयारी है. अगले हफ्ते कर्मचारी प्रतिनिधियों से बात की जाएगी.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें