कानपुर: शहर में अब दो मुफ्ती-ए-आजम, मुफ्ती शाहबाज और मुफ्ती इलियास

Smart News Team, Last updated: 09/09/2020 07:03 AM IST
  • कानपुर शहर में दो मुफ्ती-ए-आजम, मुफ्ती शाहबाज और मुफ्ती इलियास बनाए गए हैं. दरअसल शहर काजी कारी अब्दुस्सर्मी के इंतकाल के बाद उठा शहर काजियों और मुफ्ती-ए-आजम का करीब एक दशक पहले से चला आ रहा विवाद अब भी चल रहा है. ऐसे में दोनों खेमों ने अपनी-अपनी तरफ से शहर के मुफ्ती-ए-आजम का ऐलान कर दिया है.
साभार: सोशल मीडिया

कानपुर. कानपुर में शहर काजी कारी अब्दुस्सर्मी के इंतकाल के बाद उठा शहर काजियों और मुफ्ती-ए-आजम का करीब एक दशक पहले से चला आ रहा विवाद अब भी जारी है. अब मंगलवार को मुफ्ती-ए-आजम मरहूम मुफ्ती मोहम्मद अहमद अशरफी के चेहल्लुम (चालीसवां) की फातेहा पर मुफ्ती इलियास खां नूरी को इस पद पर मुंतखब (चयनित) कर दिया गया. वहीं सोमवार को दूसरे खेमे ने मुफ्ती शाहबाज अनवर के नाम का एलान किया था.

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इस मौके पर मंगलवार को हीरामनपुरवा के दारूल उलूम गौसिया अशरफिया में मुफ्ती अशरफी की चेहल्लुम की फातेहा (निधन के 40 दिन बाद) में शहर भर के सुन्नी उलमा और मस्जिदों के इमामों ने शिरकत की. इसकी सदारत करते हुए मौलाना अब्दुर्रहीम कादरी ने मुफ्ती-ए-आजम कानपुर के पद पर सुन्नी जमीअत उलमा, उत्तर प्रदेश के सदर मुफ्ती मोहम्मद इलियास खां नूरी का नाम प्रस्तावित किया. उनके नाम की ताईद (सहमति) यहां मौजूद उलमा व इमामों ने कर दी. इसके बाद उनकी गुलपोशी हुई.

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शहर के ज्यादातर सुन्नी उलमा मुफ्ती इलियास खां नूरी के पक्ष में  सामने आए. इनमें भी मौलाना मोहम्मद हाशिम अशरफी, मौलाना महमूदुल हसन, मुफ्ती मोहम्मद हनीफ बरकाती, मौलाना मोहम्मद कासिम हबीबी, मौलाना मीकाईल जियाई, मौलाना सैय्यद अकमल अशरफी, मौलाना गुलाम कादिर शाहिदी और हाफिज फैसल अजहरी समेत कई उलमा के नाम मुख्य रूप से शामिल था. मौलाना सुबहानल्लाह ने निज़ामत की.

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बता दें कि मुफ्ती-ए-आजम पद पर एक ही समय पर मुफ्ती मोहम्मद अमहद अशरफी और मुफ्ती हफीजुल्लाह कादरी रहे. जिसमें दोनों को ही अलग-अलग शहर काजियों का समर्थन था. सोमवार को मुफ्ती-ए-आजम के पद पर मदरसा अहसानुल मदारिस (अनुदानित) के रिटायर प्रिंसिपल मुफ्ती शाहबाज अनवर के नाम का ऐलान किया गया. बताया गया कि वह 2016 में हुए मुफ्ती हफीजुल्लाह कादरी के इंतकाल के बाद से ही इस पद पर हैं. चूंकि अब बरेली शरीफ ने ताईद कर दी है इसलिए अभी ऐलान किया गया. वहीं दूसरे खेमे ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंगलवार को बुजुर्ग शख्सियत मुफ्ती इलियास खां नूरी के नाम काऐलान कर दिया. दरअसल मुफ्ती-ए-आजम शहर का मुख्य मुफ्ती होता है. मुफ्ती का काम फतवा देना होता है. इसमें भी अगर किसी मुफ्ती के दिए फतवे में किसी तरह का पेंच फंस जाए तो अंतिम फैसला मुफ्ती-ए-आजम का होता है.

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