कानपुर के प्राइवेट कोरोना अस्पतालों में 9 दिनों में 25 मौत, बिफरा प्रशासन

Smart News Team, Last updated: 26/08/2020 11:35 PM IST
  • कानपुर के निजी नर्सिंग होम में 9 दिनों में 25 मरीजों की मौत पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है. सभी मरीजों के परिजनों के बयान के साथ इन अस्पतालों में हो रही मौतों की रिपोर्ट शासन ने तलब की है.
कानपुर मेें केवल नौ दिनों में कोविड नर्सिंग होम में 25 कोरोना मरीजों की मौत पर प्रशासन बिफरा पड़ा है.

कानपुर. कानपुर मेें केवल नौ दिनों में कोविड नर्सिंग होम में 25 कोरोना मरीजों की मौत पर प्रशासन बिफरा पड़ा है. प्रशासन ने इसके पीछे खराब इलाज प्रबंधन को माना है. इसलिए अब मामले में एडी और सीएमओ से रिपोर्ट मांगी है. साथ ही जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से 120 बेड कोविड आईसीयू पांच दिन में तैयार हो जाने का अल्टीमेटम दिया है. साफ है कि लेवल 3 के कोरोना मरीजों का इलाज हैलट में ही होगा.

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शहर के नर्सिंग होम और निजी सेंटर कोविड मरीजों से अंधाधुंध चार्ज ले रहे हैं लेकिन लेवल 2 और 3 सेन्टरों में कोरोना मरीजों की मौत का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है. प्रशासन ने इसके पीछे अस्पतालों के खराब रखरखाव को भी वजह माना है. अपर मुख्य सचिव डॉ.रजनीश दुबे और अमित मोहन ने 16 से 25 अगस्त के बीच निजी कोविड हॉस्पिटलों में दो दर्जन से ज्यादा मरीजों की मौत पर खासी नाराजगी जताई है. 

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वीडियोकांफ्रेसिंग में भी कहा गया है कि निजी अस्पतालों में लेवल 2 के मरीजों की मौत भी गंभीर चिंता का विषय है इसलिए सभी मरीजों के परिजनों के बयान के साथ रिपोर्ट शासन ने तलब की है. साथ ही यह भी कहा गया है कि इलाज हो रहा था तो मौतों का आंकड़ा क्यों तेजी से बढ़ रहा है. इसका मतलब है कि कोरोना मरीजों के इलाज में लापरवाही की जा रही है. अपर मुख्य सचिव ने लेबल 2 सेंटरों में भी मौतें होने पर नाराजगी जताई है. सीएमओ डॉ.अनिल मिश्र ने बताया कि लापरवाही मिली तो एक्शन होगा. लाइसेंस रद करने तक की कार्रवाई की जाएगी. हालांकि उन्होंने ने शिकायतों के मिलने का भी तर्क रखा है. अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ.आरपी यादव का कहना है कि कोरोना मरीजों के शुल्क देने के बाद भी मौत गंभीर है इसलिए शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है.

 

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