केडीए में 1.5 करोड़ के डीजल घोटाले की पोल खुली, जानिए कैसे

Smart News Team, Last updated: 08/09/2020 12:31 AM IST
  •  कानपुर के केडीए में करोड़ों रुपए का डीजल घोटाला किया जा रहा था. मामला तब सामने आया जब नए केयर टेकर ने डीजल का खर्च कम बताया. इसके बाद जब उससे सारे मदों का ब्यौरा मांगा गया तब मामले की पोल खुली.
केडीए में करोड़ों रुपए का डीजल घोटाला हुआ है.

कानपुर. सोमवार को कानपुर के केडीए में 1.5 करोड़ के डीजल घोटाले का मामला सामने आया. घोटाले की पोल तब खुली जब अपर जिलाधिकारी आपूर्ति की अध्यक्षता में जांच शुरू हुई. नए केयरटेकर ने बताया कि इस बार एक माह के डीजल का खर्च सिर्फ 3.45 लाख ही आया है जबकि 4 माह पहले तक कम से कम 12.5 लाख प्रति माह डीजल का खर्च आता था. इस हिसाब से सालाना लगभग 1.5 करोड़ का घोटाला किया जा रहा था.

इसके बाद एसडीएम आपूर्ति बसंत लाल ने जब नए केयरटेकर से एसडीएम ने हिसाब मांगा कि एकाएक खर्च लगभग 4 गुना कम कैसे हो गया तो नए केयरटेकर ने सारा हिसाब सामने रख दिया. इसमें केडीए दफ्तर, केडीए उपाध्यक्ष आवास और कमिश्नर आवास पर जनरेटर में डीजल के अलावा केडीए व निजी वाहन टैक्सियों में डीजल के खर्च का ब्योरा था .वहीं पूर्व टेक केयर टेकर से जब एसडीएम ने पूछा कि पहले किन खर्चों पर डीजल पर 15 से 17.5 लाख रुपए खर्च हो रहे थे । उन्होंने कहा कि अब याद नहीं है तब एसडीएम आपूर्ति ने कहा कि यही लिखकर अभी दे दीजिए की याद नहीं है.

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इस मामले की जांच कर रही दो सदस्यीय कमेटी में एसडीएम आपूर्ति के अलावा केडीए के अपर सचिव गुडाकेश शर्मा भी थे. कमेटी ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि बहुत लंबा समय बीत गया .अब जल्दी फैसला सुनाया जाएगा दोनों केयरटेकर अपर सचिव को अपना लिखित बयान देना है. साथ ही केडीए के कर्मचारी नेता बचाऊ सिंह का भी लिखित बयान लिया गया है.

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