कानपुर गंगा बैराज से लखनऊ के बीच रैपिड रेल जल्द, तैयारी शुरू

Smart News Team, Last updated: 28/08/2020 10:51 PM IST
  • कानपुर में मंडलायुक्त कैंप कार्यालय पर हुई उच्च स्तरीय संयुक्त विकास समिति की बैठक में गंगा बैराज से लखनऊ के बीच रैपिड रेल चलाने की योजना पर यूपीएमआरसी से सर्वे कराने पर सहमति जताई गई.
कानपुर मंडलायुक्त कैंप कार्यालय पर उच्च स्तरीय संयुक्त विकास समिति की बैठक.

कानपुर. अगर सब कुछ ठीक रहा तो यूपी के कानपुर के गंगा बैराज से लखनऊ के बीच रैपिड रेल चलना शुरू हो जाएगा. इसे चलाने के लिए यूपीएमआरसी से सर्वे कराने पर सहमति जताई गई है. मंडलायुक्त कैंप कार्यालय पर हुई उच्च स्तरीय संयुक्त विकास समिति की बैठक में शहर की बेहतरी के कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. समिति ने भविष्य की कई योजनाओं पर चर्चा की और प्रोजेक्ट बनाने पर सहमति जताई और शहर की बढ़ती आबादी को देखते हुए जरूरी सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया गया.

कानपुर: मानवेंद्र सिंह बने क्षेत्रीय BJP अध्यक्ष, दस लोकसभा सीट जीतने का तोहफा

इस बैठक में तय किया गया कि रैपिड रेल ट्रांजिट प्रणाली (आरआरटीसी) योजना के लिए शासन स्तर पर बैठक करा ली जाए. रैपिड रेल गंगा बैराज से अमौसी के बीच प्रस्तावित है. बताया गया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इसके लिए पहले से समिति गठित है. इसमें औद्योगिक विकास आयुक्त, कानपुर और लखनऊ के कमिश्नर, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी लीडा, केडीए वीसी और उच्च स्तरीय समिति के समन्वयक नीरज श्रीवास्तव शामिल हैं. मुख्य सचिव से समय लेकर बैठक करा ली जाए ताकि यूपीएमआरसी को प्रस्ताव भेजा जा सके.

बिकरू कांडः न्यायिक आयोग ने की मुठभेड़ स्थल की जांच, IG से पूछा कैसे की घेराबंदी

इसके अलावा बैठक में कानपुर मेट्रो के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों कों में तेजी लाने और कार्यों की गुणवत्ता जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है. इसमें केस्को के मुख्य अभियंता, डीजीएम तकनीकी, एडीएम (भू अध्याप्ति), एसपी ट्रैफिक तथा नीरज श्रीवास्तव होंगे. यह टीम मेट्रो के कामकाज की निगरानी करेगी. इसके साथ ही कमिश्नर ने गंगा बैराज से शुक्लागंज मार्जिनल बंधे को दो लेन से सिक्स लेन करने का निर्देश दिया. कमिश्नर ने कहा कि सड़क को सिक्स लेन करने के लिए केडीए और यूपीसीडा संयुक्त रूप से योजना बनाए और वित्त पोषण का प्रस्ताव तैयार करे ताकि पीडब्ल्यूडी प्रस्ताव पर धनराशि जारी करने के लिए सेंट्रल रोड फंड को भेज सके.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें