मरने के बाद भी कम नहीं हुई विकास दुबे की दहशत, अब उसका भूत सोने नहीं दे रहा

Smart News Team, Last updated: 15/09/2020 05:37 PM IST
बिकरू गांव में अभी भी विकास दुबे की दहशत लोगों को सता रही है. ग्रामीणों का कहना है कि मारे गए अपराधियों में से किसी का भी क्रिया कर्म नहीं हुआ है इसलिए उनकी आत्माएं गांव में भटक रही है.
विकास दुबे के गांव वालों को अभी भी उसका भय सता रहा है.

 कानपुर. कुख्यात अपराधी विकास दुबे ने न जिंदा बिकरू के लोगों को चैन लेने दिया और न ही अब लेने दे रहा है. विकास को मरे दो महीने से ज्यादा हो गए लेकिन अब भी बिकरू गांव में उसका भय बरकरार है. पहले लोग उसके खौफ से कांपते थे और अब उसकी आत्मा से सहम जाते हैं. हालांकि यह ग्रामीणों का अंधविश्वास ही है. लेकिन दिन ढलने के बाद वे विकास के मोहल्ले में जाते नहीं है.

ग्रामीणों का कहना है कि अपराधियों में से किसी का भी किया कर्म नहीं हुआ है. इसलिए उनकी आत्माएं भटक रही हैं. कई लोगों का तो यहां तक कहना है कि उन्होंने विकास का भूत भी देखा है.

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आपको बता दें कि 10 जुलाई को विकास दुबे पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था. उसके मरने के बाद से ही बिकरू में सन्नाटा पसर गया. बिकरू में विकास का खौफ इतना है कि उसके मरने के बाद भी कोई उसके खिलाफ कुछ भी नहीं बोलता है. गांव के बड़े बुजुर्गों को अब दूसरी तरह की दहशत भी सता रही है. बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि गांव में कई अकाल मौतें हुई हैं. किसी का कर्मकांड नहीं हुआ. इसलिए इन सब की आत्माएं भटक रही होंगी. उनका कर्मकांड तो होना ही चाहिए था.

विकास का मकान अब खंडहर में तब्दील हो चुका है. अब उसके मकान में जंगली जीवों और पक्षियों का प्रवास है. यदि वहां कुत्ते बिल्ली की धमाचौकड़ी भी होती है तो लोग भयभीत हो जाते हैं. आलम यह है कि यदि उसके जमींदोज हुए मकान से एक पत्ता भी हिलता है तो लोगों की रूह कांप जाती है. गांव के लोग कहते हैं कि विकास के घर के सामने ही आठ पुलिसकर्मियों की हत्या भी की गई. उसके घर के आसपास रहने वाले लोग भी मुठभेड़ में मारे गए. इसलिए कोई भी दिन ढलने के बाद विकास के मोहल्ले में नहीं जाता है. इसके साथ ही मुठभेड़ में मारे गए लोगों के परिवार के लोग भी घरों से बाहर नहीं निकलते हैं.

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गांव वालों ने एक स्थानीय पुजारी से कहा था कि वह पितृ पक्ष के दौरान इन परेशान आत्माओं की शांति के लिए पूजा करे. लेकिन पुजारी ने यह कहते हुए इंकार कर दिया कि ऐसा करने से वह पुलिस की नजर में आ जाएगा. एक ग्रामीण का कहना है कि हम लोग नवरात्रि में यहां पूजा कराने की कोशिश करेंगे ताकि पुलिसवालों सहित यहां मारे गए लोगों की आत्माओं को शांति मिल सके.

हालांकि विकास के टूटे मकान पर चार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगी हुई है. इनमें से ऑन रिकॉर्ड किसी ने भी नहीं कहा कि उन्होंने विकास के भूत को देखा है. एक पुलिसकर्मी का कहना है कि हमें यहां अपनी ड्यूटी करने में कोई समस्या नहीं है. इसके अलावा उसने और कुछ कहने से मना कर दिया.

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