कानपुर: नए साल की सौगात में मिला GSVSS सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, इलाज के साथ पढ़ाई और रिसर्च

Indrajeet kumar, Last updated: Sun, 2nd Jan 2022, 9:28 PM IST
  • कानपुर वासियों को नए साल में सौगात के रूप में गणेश शंकर विद्यार्थी सुपर स्पेशलिटी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ( जीएसवीएसएस पीजीआइ) मिला है. इस हॉस्पिटल में सुपर स्पेशलिटी इलाज के साथ-साथ पढ़ाई और रिसर्च की भी सुविधा मौजूद होगी. इससे मेडिकल क्षेत्र में शोध और अनुसंधान की संभावनाएं बढ़ेंगी.
कानपुर को नए साल की सौगात में मिला GSVSS सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल

कानपुर. कानपुर वासियों को बाय साल के सौगात के रूप में गणेश शंकर विद्यार्थी सुपर स्पेशलिटी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ( जीएसवीएसएस पीजीआइ) मिला है. इस अस्पताल में मल्टी सुपर स्पेशलिटी इलाज के साथ-साथ पढ़ाई और रिसर्च की भी सुविधा मिलेगी. इस अस्पताल के बनने के बाद रिसर्च और अनुसंधान के क्षेत्र में भी नए अवसर खुलेंगे. प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के चौथे चरण के तहत जीएसवीएम मेडिकल कालेज, जीटी रोड स्थित हैलट के तरह सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बन कर तैयार हो गया है. इस पीजीआइ में रोबोटिक सर्जरी से लेकर लेजर सर्जरी से जुड़े सभी आधुनिक उपकरण की व्यवस्था की गई है. इस अस्पताल का लाभ कानपुर से सटे जिलों के लाखों लोगों को भी मिलेगी.

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन, एंडोक्राइनोलाजी डिपार्टमेंट, यूरोलाजी, पेन एंड पैलिएटिव, न्यूरो रेडियोडायग्नोस्टिक डिपार्टमेंट, गैस्ट्रोइंट्रोलाजी डिपार्टमेंट, न्यूरो सर्जरी डिपार्टमेंट का विस्तार और न्यूरोलाजी विभाग का भी विस्तार किया जाएगा. इन विभागों को विकसित करने के लिए कई उपकरण और मशीनें मंगाई गई है. अस्पताल में जनवरी से सुपर स्पेशलिटी की ओपीडी शुरू करने की कोशिश की जा रही है. इन सभी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए लोगों को ऑनलाइन रजिस्ट्रैशन करवाना पड़ेगा. इसके लिए अस्पताल में 413 कंप्यूटर लगाए गए हैं. अस्पताल के पीजीआइ के आपरेशन थियेटर ब्लाक में आठ माड्यूल आपरेशन थियेटर की व्यवस्था की गई है. इस अत्याधुनिक आपरेशन थियेटर में सभी हाईटेक मशीनें और उपकरण मौजूद रहेंगे.

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जीएसवीएसएस पीजीआइ के 12 विभागों में कुल 60 सुपर स्पेशलिस्ट डाक्टर कार्यरत रहेंगे. हर विभाग में पांच फैकल्टी रहेंगे. जिसमें एक प्रोफेसर, दो असिस्टेंट प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर और एक सीनियर रेजीडेन्ट होंगे. इतना ही नहीं, सभी विभागों में तीन-तीन रेजीडेन्ट तैनात किए जाएंगे जो जो पढ़ाई के साथ इलाज में भी योगदान देंगे. इस नए सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में विभागों की फैकल्टी और रेजीडेन्ट मिलकर शोध अनुसंधान भी करेंगे. इससे शोध और अनुसंधान से मेडिकल के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे. इस असतल को एम्स दिल्ली के निगरानी में तैयार किया जा रहा है.

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