कानपुर : रनिया में डंप क्रोमियम के निस्तारण की जिम्मेदारी आईआईटी को सौंपी

Smart News Team, Last updated: 06/02/2021 03:29 PM IST
  • कानपुर देहात के रनिया इलाके में छह कंपनियों ने क्रोमियम डंप कर रखा था, इससे इलाके का भूजल दूषित हो गया है। जानकारी पर एनजीटी ने 280 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाकर जल्द ही क्रोमियम को निस्तारित करने को कहा था। इस क्रम ही शासन ने बैठककर इसकी रणनीति तय की है।
सांकेतिक फोटो

कानपुर : रनिया स्थित खानचंद्रपुर गांव में डंप क्रोमियम को हटाने के लिए शासन ने आईआईटी को जिम्मेदारी दी है। आईआईटी के प्रोफेसर एक सप्ताह में क्रोमियम निस्तारण का खाका तैयार करेंगे। इसके बाद यूपीसीडा के महाप्रबंधक शासन को अवगत करवाएंगे।

खानचंद्रपुर में छह इकाइयों ने क्रोमियम डंप किया था। क्रोमियम की वजह से भूजल प्रदूषित हो गया है और भूमि ऊसर हो गई है। क्रोमियम निस्तारण न होने पर ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने क्रोमियम डंप करने वाली कंपनियों के खिलाफ 280 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया। साथ ही शासन को जल्द से जल्द क्रोमियम निस्तारित करने के लिए कहा। निस्तारण की जिम्मेदारी उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण को दी गई, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी यह काम नहीं हो पाया। अंतत: शासन की सहमति के बाद आईआईटी को क्रोमियम निस्तारण के लिए कंसलटेंट नामित किया गया।

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लखनऊ में आयोजित बैठक में सचिव औद्योगिक विकास नीना शर्मा ने कहा कि क्रोमियम निस्तारण के लिए कंपनी की तैनाती, निस्तारण की प्रक्रिया और कब निस्तारित हो जाएगा इसकी पूरी कार्ययोजना एक हफ्ते के अंदर प्रस्तुत की जाए। आईआईटी के प्रोफेसर आभास ने प्राथमिक खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि निस्तारण की ऐसी प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिससे कि पर्यावरण को नुकसान न हो। यूपीसीडा के महाप्रबंधक अभियंत्रण संदीप चंद्रा से कहा गया कि वे एक हफ्ते के अंदर कार्ययोजना प्रस्तुत करेंगे।

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