कानपुर: खराब पीपीई किट और मास्क से भड़के जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन

Smart News Team, Last updated: 22/08/2020 11:36 PM IST
  • कानुपर के एक मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों ने खराब पीपीई किट और मास्क को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. छात्रों का आरोप है कि उन्हें फटी हुई पीपीई किट दी जा रही हैं जिससे कोरोना संक्रमित होने का डर है.
खराब पीपीई किट और फेस मास्क को लेकर जूनियर डॉक्टर का विरोध प्रदर्शन.

कानपुर. कानपुर के एक अस्पताल के कोविड वार्ड में चाइनीज एन-95 मास्क , फटी पीपीई किट और खराब चश्मे को लेकर कोविड वार्ड में काम करने वाले जूनियर डॉक्टरों ने हंगामा खड़ा कर दिया. कोविड वार्ड में रात 1 बजे के बाद वे बाहर निकल कर आए और अपना विरोध जताया. विरोध को लेकर कुछ डॉक्टरों ने रात में काम नहीं किया. मेडिकल के अधिकारियों ने रात 2 बजे समझाया, तब जाकर जूनियर डॉक्टर 4 बजे काम पर वापस लौटे.

जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि उन्हें जो पीपीई किट दी जा रही है, वह फटी है। वे जगह-जगह फटी किट को टेप लगाकर पहनने को मजबूर है. साथ ही, जूनियर डॉक्टरों ने यह भी कहा कि हम लोगों को मास्क भी डुप्लीकेट दिए जा रहे हैं. ये मास्क ओरिजनल नहीं है, ये तो चाइना का है. इसको प्रयोग करने के दौरान मुंह पर काफी पसीना आ जाता हैं.

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जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि यहां जो चश्मे मिलते हैं, वो पुराना और धुला हुआ रहता हैं. इन चश्मों में फेसमास्क के नीचे धुंधला दिखता है और कुछ चश्मों तो ऐसे हैं कि उससे साफ नहीं दिखता है। इस तरह की स्थिति को लेकर जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि वे काम नहीं कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कई जूनियर डॉक्टर इसके कारण कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं.

इस पूरे मामले को लेकर जब जूनियर डॉक्टरों ने प्रमुख अधीक्षक से शिकायत दर्ज कराई गई, तो डॉक्टरों का मम्मी कोई जवाब नहीं दिया गया। वहीं, उप प्राचार्य व प्रमुख अधीक्षक प्रो. रिचा गिरि का कहना है कि पीपीई किट और अन्य संसाधनों को उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन से मंगवाया जाता हैं. उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की मांग और विरोध के बारे में शासन को अवगत कराया गया है. कॉलेज के अधिकारियों ने बताया कि किसी तरह जूनियर डॉक्टरों को समझाया गया.

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