कानपुर मेट्रो के निर्माण कार्य में तेजी, नवंबर में हो सकता है ट्रायल

Smart News Team, Last updated: 29/01/2021 07:40 PM IST
  • उत्तर प्रदेश मेट्रो कॉरपोरेशन ने पहले चरण में ही नौ किलोमीटर तक एलिवेटेड ट्रैक के लिए 400 पिलर बनाकर तैयार कर लिए हैं. कानपुर के गुरुदेव चौराहे तक डबल टी गर्डर भी डाले जा चुके हैं.अगर मेट्रो का निर्माण कार्य इसी रफ्तार से चलता रहा तो नवम्बर 2021 में इसका ट्रायल शुरू करना मुश्किल नहीं होगा.
कानपुर मेट्रो के निर्माण कार्य में तेजी, नवम्बर में हो सकता है ट्रायल

कानपुर। कानपुर में मेट्रो का निर्माण कार्य बहुत तेज़ी से चल रहा है. कानपुर के आईआईटी क्षेत्र से लेकर मोती झील के बीच सात किलोमीटर तक मेट्रो पिलर खड़े किए जा चुके हैं. केवल दो किलोमीटर के रास्ते पर काम होना बाकी है. अगर मेट्रो का निर्माण कार्य इसी रफ्तार से चलता रहा तो नवम्बर 2021 में इसका ट्रायल शुरू करना मुश्किल नहीं होगा. यूपीएमआरसी यानी उत्तर प्रदेश मेट्रो कॉरपोरेशन ने पहले चरण में ही नौ किलोमीटर तक एलिवेटेड ट्रैक के लिए 400 पिलर बनाकर तैयार कर लिए हैं. कानपुर के गुरुदेव चौराहे तक डबल टी गर्डर भी डाले जा चुके हैं. मेट्रो के पहले चरण में कुल 513 पिलर का निर्माण होना था, जिसमें से केवल 20 पिलर की नींव डालने का काम बाकी है. 93 पिलर बनाने का काम तेज़ी से चल रहा है.

पांच स्टेशनों का आधार भी तैयार

कानपुर के आईआईटी से लेकर गुरुदेव चौराहे तक पांच मेट्रो स्टेशन बनेंगे. इन पांचों मेट्रो स्टेशनों के पहले तल का आधार भी बनकर तैयार है.कल्याणपुर, एसपीएम अस्पताल, विश्वविद्यालय और गुरुदेव मेट्रो स्टेशनों के सभी डबल टी गर्डर रखे जा चुके है. 434 डबल टी गर्डर का परिनिर्माण कुल 9 मेट्रो स्टेशनों के लिए होना था जिनमें से 332 रखे भी जा चुके हैं.

BSP चीफ मायावती का ट्वीट- ‘नए कृषि कानून पर केन्द्र ढुलमुल रवैया अपना रही है’

यूपीएमआरसी के प्रबन्ध निदेशक कुमार केशव ने बताया कि कानपुर मेट्रो के निर्माण की गति शुरू से ही तेज रही है. पहले कॉरिडोर के निर्माण में यूपी मेट्रो और एफ्कॉन की टीम समय से पहले लक्ष्य को पूरा करने में अभी तक सफल रही है. हम लगातार अपनी सीमाओं और क्षमताओं को बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं.

मेरठः राकेश टिकैत के समर्थन में गाजीपुर बॉर्डर पहुंच रहे किसान नेता

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें