कानपुर मेट्रो में यूरोपीय संघ बैंक करेगा अरबों का निवेश, 32.4 किमी का प्रोजेक्ट

Smart News Team, Last updated: 01/09/2020 02:04 PM IST
  • कानपुर के मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में यूरोपीय संघ बैंक 650 मिलियन यूरो निवेश करेगा. इस निवेश से 18 एलिवेटेड और 12 भूमिगत स्टेशनों के निर्माण में वित्त की कमी पूरी होगी. भारत में कनेक्टिविटी बढ़ाने को लेकर ईआईबी का निवेश 2.6 बिलियन यूरो हो गया है.
कानपुर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में यूरोपीय संघ बैंक अरबों का निवेश करने जा रहा है.

कानपुर. कानपुर मेट्रो रेल परियोजना में यूरोपीय संघ बैंक करेगा अरबों रुपए का निवेश. इस निवेश से 18 एलिवेटेड और 12 भूमिगत स्टेशनों के निर्माण में वित्त की कमी पूरी होगी. यूरोपीय संघ से बाहर अपने दूसरे बड़े ऑपरेशन यूरोपीय संघ बैंक ने कानपुर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में 650 मिलियन यूएस डॉलर का निवेश करने का फैसला लिया है. यूरोपियन इंवेस्टमेंट बैंक 32.4 किलोमीटर लंबे मेट्रो लाइन कानपुर प्रोजेक्ट को वित्त की कमी से दूर करेगा.

यूरोपीय संघ बैंक का भारत में कनेक्टिविटी बढ़ाने को लेकर परियोजनाओं और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में अब कुल निवेश 2.6 बिलियन यूएस डॉलर का हो गया है. यूरोपीय संघ बैंक का भारत में ग्रीन इंफ्रास्ट्रकचर और कनेक्टिविटी में यहा पांचवा निवेश है. इसी के साथ यूपी में दूसरा निवेश है. ईआईबी निवेश पोर्टफोलियो से अधिक राशि का निवेश भारत में होगा. ईयू बैंक ने भोपाल में मेट्रो रेल सिस्टम, पुणे, बैंगलुरू और लखनऊ में भी निवेश किया है. 

विकास दुबे के गुर्गे जय की 37 करोड़ की 11 संपत्तियां कुर्क करने का नोटिस चस्पा

कानपुर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की लागत करीब 16 हजार 975 करोड़ रुपए है. इसमें राज्य सरकार द्वारा 1 हजार 332 करोड़ खर्च किए जाएंगे. वहीं आवास विकास परिषद 200 करोड़, कानपुर विकास प्रधिकरण 100 करोड़ खर्च करेगा.

आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट में करीब 12 हजार 900 करोड़ का अर्च आएगा जिसमें 1 हजार 9 करोड़ रुपए राज्य सरकाद देगी. इसी के साथ आवास विकास परिषद 117 करोड़ रुपए देगी. ईआईबी के निवेश के बात यूपीएमआरसी के एमडी केशव कुमार ने कहा कि इससे विकास कार्यों की रफ्तार तेज हो जाएगी.  

पटवारी बोले- हमसे ना हो पाएगा, अब SDM साहब गांव-गांव तलाशेंगे शौचालय की जमीन

ईआईबी की टीम ने मेट्रो के दोनों रूट का वर्ष 2015 में सर्वे किया था इसके बाद राइट्स ने प्रोजेक्ट की डिटेल रिपोर्ट तैयार की थी. यूपीएमआरसी के एमडी ने कहा कि यह परियोजना अब समय से पूरी की जा सकती है. आईआईटी से मोती झील तक पहले चरण का काम दिसंबर 2021 तक पूरा करने की कोशिश की जाएगी. 

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें