कानपुर नगर निगम ने 33 करोड़ रुपये बकाया नहीं दिए, EESL ने लाइट लगाने से किया मना

Smart News Team, Last updated: Thu, 5th Aug 2021, 8:50 AM IST
  • कानपुर शहर के कई रास्तों पर अंधेरा छाया हुआ है. इसका कारण कानपुर नगर निगम और ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड (ईईएसएल) के आपसी विवाद की वजह से हो रहा है. बकाया 33 करोड़ रुपये न मिलने के कारण ईईएसएल ने स्ट्रीट लाइट लगाने से मना कर दिया है.
कानपुर नगर निगम.

कानपुर. कानपुर शहर के कई रास्तों पर अंधेरा छाया हुआ है. इसका कारण कानपुर नगर निगम और ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड(ईईएसएल) के आपसी विवाद की वजह से हो रहा है. बकाया 33 करोड़ रुपये न मिलने के कारण ईईएसएल कंपनी ने स्ट्रीट लाइट लगाने से मना कर दिया है. 

इस मुद्दे को लेकर नगर निगम सदन में हंगामा भी हो चुका है. इसके बाद भुगतान को लेकर कोई शुरुआत तक नहीं की गई और न ही स्ट्रीय लाइट लगाई गई. अब मामला इतना बढ़ गया कि ईईएसएल ने एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने से ही मना कर दिया है. जिस कारण शहर के लोगों को बिना रोशनी के काफी परेशानी हो रही है. 

कई जगह तो कानपुर नगर निगम ने स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए पोल और तार लगा दिए है लेकिन बकाया भुगतान न होने के कारण लाइट नहीं लगी. इसके सबसे बड़े उदाहरण मरे कंपनी पुल की सर्विल लेन और ओमपुरवा से ताड़ीखाना सड़क है. ईईएसएल का कहना है कि जब तक पैसे नहीं मिल जाते तब तक उनके पास नई लाइटों के लिए पैसे नहीं है. 

ईईएसएल और प्रशासन के बीच कानपुर सहित सूबे के महानगरों में स्ट्रीट लाइट लगाने का एग्रीमेंट हुआ था. इसमें पुरानी सोडियम लाइट हटाकर नई एलईडी लाइट लगाई जानी थी. बाकी उन इलाकों में एलईडी लाइट लगाने की जिम्मेदारी थी जहां लाइटें न हों.  तार और पोल नगर निगम को लगाने थे.  एलईडी के माध्यम से बिजली की 50 प्रतिशत की बचत का दावा कंपनी ने किया था.  बचत के बिल से ईईएसएल को देने थे. जिसमें कि 70 प्रतिशत प्रशासन को देना था जबकि 30 प्रतिशत नगर निगम को.  चार वर्ष में 33 करोड़ रुपये बकाया है.  नगर निगम के पर्यावरण इंजीनियर रमेश पाल का कहना है कि ईईएसएल के अधिकारियों से लगातार बात की जा रही है. 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें