कानपुर: अब कोरोना के मरीजों को देने होंगे दो फोन नंबर और एड्रेस प्रूफ

Smart News Team, Last updated: 09/09/2020 02:42 PM IST
  • कानपुर के हैलेट और कांशीराम अस्पताल में कोरोना संक्रमित के भर्ती होने पर दो फोन नंबर और अपने एड्रेस प्रूफ देने होंगे ताकि परिवार और अस्पताल प्रशासन को परेशानी न हो. कई बार मरीज अपना गलत नंबर और पता भी देते हैं इसलिए उसी समय फोन नंबर की जांच की जाएगी.
कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती होने पर अब अपना दो फोन नंबर और एड्रेस प्रूफ देना होगा.

कानपुर. कोरोना से संक्रमित मरीजों को भर्ती होने पर अब अपना दो फोन नंबर और एड्रेस प्रूफ देना होगा. यह नियम हैलेट और कांशीराम अस्पताल अस्पताल में लागू होगा. ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि मरीज के परिवार वालों को कुछ भी जानकारी देने में आसानी हो. यह जरूरी भी है क्योंकि कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग संक्रमण रोकने के लिए सबसे जरूरी है, इसी कारण मरीज के आस-पास अस्पताल के कर्मचारियों के अलावा कोई नहीं होता. 

कानपुर सहित 11 जिलों में सेरोलॉजिकल टेस्ट के साथ हेपेटाइटिस बी की भी जांच

इस समय कोविड-19 के कारण शारीरिक और मानसिक तौर पर भी मरीज परेशान रहता है. अभी हाल ही में कुछ ऐसे मामले आए जब कोरोना संक्रमित की अपने परिवार वालों से बात नहीं हो पाई जिससे मरीज और उसके परिवार वालों के साथ ही डाॅक्टरों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी. हैलट के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. प्रेम सिंह ने कहा कि मरीज अब नंबर गलत नहीं दे पाएंगे क्योंकि उसी समय देखा जाएगा कि फोन पर बात हो रही या नहीं और ऐसा होने के बाद ही बेड हेड टिकट (बीएचटी) में नंबर दर्ज होगा.

लॉयर्स एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री के भाई की कोरोना से मौत, प्रसाशन पर आरोप

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अनिल कुमार मिश्रा का कहना है कि इतनी सावधानी इसलिए बरती जा रही है क्योंकि इससे पहले गलत नंबर और पता कई बार दिया जा चुका है. इस वजह से प्रशासन को बहुत दिक्कत होती है. परिवार से जरूरी काम पड़ने पर एसएमएस से मैसेज भेजा जाएगा ताकि परिवार वाले यह न कह सके कि हमें नहीं बताया गया था. इसके बाद भी बात नहीं होती है पुलिस को कोरोना संक्रमित के परिवार वालों का फोन नंबर और पता दिया जाएगा, इससे मरीज के घर वालों को ढूंढने में आसानी होगी.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें