कानपुर के शायर शिवम शर्मा गुमनाम का गजल संग्रह ‘परिंदे प्यार के’ का हुआ विमोचन

Smart News Team, Last updated: Sat, 31st Oct 2020, 8:39 PM IST
  • कानुपर के नौजवान शायर शिवम शर्मा गुमनाम का पहला गजल संग्रह परिंदे प्यार का विमोचन हुआ. इस मौके पर कई कवियों ने अपनी-अपनी रचनाएं सुनाईं.
शायर शिवम शर्मा गुमनाम का गजल संग्रह परिंदे प्यार का विमोचन हुआ.

कानपुर. कानपुर में शनिवार को शहर के नौजवान शायर शिवम शर्मा गुमनाम का पहला गजल संग्रह परिंदे प्यार का विमोचन ग्वालटोली के जफर मंजिल में हुआ. इस माके पर प्रसिद्ध कवि डाॅ. अंसार कम्बरी ने अपनी कविता सुनाई. डाॅ. अंसारी कंबरी के अलावा इस कार्यक्रम में डाॅ. कमलेश द्विवेदी, रश्मि द्विवेदी और वैभव पालीवाल मौजूद रहे.

शिवम शर्मा गुमनाम के लिखे गए गजल संग्रह परिंदे प्यार का विमोचन ग्वालटोली में हुआ. इस मौके पर शिवम शर्मा ने अपने गजल संग्रह में से सुनाते हुए कहा कि इक अदद पिंजरे को तरसे उम्र भर, मिल न पाए दो परिंदे प्यार के. इस कार्यक्रम का संचालन डाॅ. कमलेश द्विवेदी ने किया और अध्यक्षता डाॅ. कंबर अंसारी ने की. इस मौके पर मौजूद कवियों ने अपनी रचनाएं सुनाईं.

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इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाॅ. कंबर अंसारी ने गजल सुनाते हुए कहा कि छू न पाई तेरा बदन वरना, धूप का हाथ जल गया होता. इसके अलावा डाॅ. कमलेश द्विवेदी ने सुनाया कि जब तक दिल में पीर रहेगी, गजलों की जागीर रहेगी. वहीं रश्मि द्विवेदी ने सुनाया कि रूठों का मनाना आदत में शुमार नहीं है उसकी, वो गुरूर तो संभाल लेता है मगर तअल्लुक तोड़ देता है.

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वैभव पालीवाल ने कहा है कि जिस तरह से आरती का दीप है बहता नदी, ठीक वैसे ही हमारे साथ तुम बहना हमेशा. अनन्या कनोजिया ने सुनाया कि चिराग तले रात के आगोश में इक खत लिखा है, मैंने इश्क में तुम्हें मुकम्मल रब लिखा है.

 

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