पुलिस प्रताड़ना से तंग कारोबारी ने थाने में जहर खाकर दी जान, तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड

Sumit Rajak, Last updated: Sat, 8th Jan 2022, 8:00 AM IST
  • जिले में पुलिस की प्रताडऩा से परेशान होकर गल्ला व्यापारी शुक्रवार को जान दे दी. कानपुर आउटर के साढ़ थाने में गल्ला व्यापारी गुरुवार को रिपोर्ट लिखाने गया था, लेकिन पुलिस ने उसकी पिटाई कर दी. शुक्रवार को व्यापारी थाने पहुंचा और जहर खा लिया. एसपी ने एसआई विनोद कुमार, कृष्णकांत तथा हेड मोहर्रिर सुरेश कुमार को निलंबित कर दिया है.
प्रतीकात्मक फोटो

कानपुर. एक बोरा गेहूं चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं करने पर गल्ला कारोबारी ने साढ़ थाने में जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी. वह एफआईआर दर्ज न करने और पीटने के बाद लॉकअप में बंद करने से आहत था. मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने दो जीपों मेंआ रही पुलिस कोॆ दौड़ा दिया. रात में ही डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया. एसपी आउटर ने देर रात दो दरोगा और एक सिपाही को निलंबित कर दिया है. घटना की जांच एएसपी ग्रामीण को सौंपी है. 

गोपालपुर निवासी अरुण गुप्ता (50) का जाहानाबाद रोड पर घर है. सामने पंकज पांडे की मार्केट में उनका गल्ला गोदाम है. 4 जनवरी को अरुण बरामदे में सो रहे थे. आरोप है कि रात में गांव का मिथुन त्रिवेदी गोदाम पहुंचा और गेहूं का बोरा साइकिल पर लादकर भागने लगा. पंकज के भतीजे व पड़ोसी बबलू ने देखा और हल्ला मचाया. शोर सुनकर अरुण जाग गया. इस दौरान मिथुन भाग निकला. अरुण चोरी की तहरीर लेकर 5 जनवरी को साढ़ थाना पहुंचे. बेटे हर्षित का आरोप है कि थानेदार ने उन्हें भगा दिया. 6 जनवरी फिर थाने गए तो एसओ ने मारापीटा और लॉकअप में बंद कर दिया. जहां से देर रात छोड़ा गया. शुक्रवार सुबह 8 बजे कारोबारी अरुण, प्रधान लल्ला सिंह के यहां पहुंचे. आश्वासन के बाद फिर पहुंचे. थाने में दफ्तर जाने के बजाय में मेस की ओर चले गए. मेष के पीछे बेहोश मिले तो पुलिस ने उन्हें भीतरगांव सीएचसी फिर उर्मिला ले गई. जहां उन्होंने दम तोड़ दिया.बताया जा रहा है कि मौत से पहले ही पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली. एसपी ने एसआई विनोद कुमार,कृष्णकांत तथा हेड मोहर्रिर सुरेश कुमार को निलंबित कर दिया है.

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9 बजे कारोबारी को थाने में घुसते देखा 

थाने के बाहर पान की गुमटी चलाने वाले राजेश ने बताया कि सुबह 9 बजे उसने अरुण को थाने में घुसते देखा. उसके बाद करीब 9:30 बजे थाने में हड़कंप मच गया. तब पता चला कि थाने के पीछे बनी मेस के पास अरुण ने जहर खा लिया. 

सिपाही की प्रताड़ना से तंग किशोर ने जान दी 

उधर, कमिश्नरेट के रायपुरवा थानाक्षेत्र में सिपाही की वसूली से परेशान किशोर ने घर में फांसी लगा ली. चरस लगाकर जेल भेजने की धमकी देकर सिपाही हजारों रुपये वसूल चुका था. दोनों ही मामलों में जांच के आदेश दिए गए हैं. सिपाही 3 साल से एक किशोर को तरह तरह से तंग करता रहा. 50 हजार रुपये भी वसूले पर जब बर्दाश्त की इंतहा हो गई. तो किशोर ने जान दे दी. सिपाही किशोर पर गुड वर्क करवाने के लिए भी दबाव बना रहा था.

कानपुर आउटर एसपी अजीत सिन्हा ने बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला कि दरोगा और हेड कांस्टेबल ने कारोबारी की बात ठीक से नहीं सुनी. रिपोर्ट दर्ज करने में भी लापरवाही बरती. तीनों को जिम्मेदारी तय करते हुए निलंबित कर दिया गया है. दरोगा, सिपाही के अलावा एसओ की भूमिका की जांच एएसपी करेंगे.

 

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