यूट्रस में फंसा था 5 किलो का ट्यूमर, 10 डॉक्टरों की टीम ने घंटों की सर्जरी के बाद निकाला

Ankul Kaushik, Last updated: Mon, 11th Oct 2021, 12:00 AM IST
  • कानपुर के अपर इंडिया अस्पताल में 10 डॉक्टरों ने यूट्रस में फंसा 5 किलो का ट्यूमर निकाला है. इस ट्यूमर को निकालने के लिए पांच घंटे सर्जरी चलाई गई. इस सर्जरी को करने वाली डॉक्टर सीमा द्विवेदी ने कहा कि इतनी कम उम्र में इतना बड़ा ट्यूमर होना गम्भीर बात है.
10 डॉक्टरों ने यूट्रस में फंसा 5 किलो का ट्यूमर निकाला (फाइल फोटो)

कानपुर. अपर इंडिया जच्चा बच्चा अस्पताल में कानपुर की 32 वर्षीय महिला फायब्राइड ट्यूमर से पीड़ित थी. इस महिला के यूट्रस में 5 किलो का ट्यूमर था जिसे जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के 10 डॉक्टरों की टीम ने मिलकर निकाला है. इस ट्यूमर को निकालने के लिए डॉक्टरों को पांच घंटे तक सर्जरी करनी पड़ी थी. हालांकि डॉक्टरों ने इस कठिन ऑपरेशन को करके महिला की जान बचा ली. इस सर्जरी को करने वाली डॉक्टर सीमा द्विवेदी का कहना है कि इतनी कम उम्र में इतना बड़ा ट्यूमर होना गम्भीर बात है. इसके साथ ही राहत की खबर ये भी है कि फिलहाल यह कैंसर रहित ट्यूमर है. बता दें कि यह महिला काफी समय से अपने पेट में दर्द की शिकायत को लेकर परेशान थी और कई महीने से वह दर्द और ब्लीडिंग से भी जूझ रही थी.

जब इस महिला के दर्द को लेकर अल्ट्रासाउंड हुआ तो उसमें ट्यूमर काफी जटिल हिस्से में फैला हुआ था. इस वजह से इस ट्यूमर के इलाज के ऑपरेशन को करने के लिए कोई तैयार नहीं हुआ था. हालांकि प्रो. सीमा द्विवेदी के नेतृत्व में इस महिला का सफल ऑपरेशन हुआ. इस ऑपरेशन के लिए जनरल सर्जरी विभाग के तीन डॉक्टर, एनेस्थीसिया विभाग के तीन डॉक्टर और आब्स एंड गायनी विभाग के चार डॉक्टरों की टीम लगी थी. इस टीम ने करीब पांच घंटे बाद इस ऑपरेश को पूरा किया और इस समय महिला पूरी तरह से स्वस्थ भी है.

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वहीं प्रो. सीमा द्विवेदी ने फायब्राइड ट्यूमर के बारे में बताते हुए कहा कि यह ट्यूमर बच्चेदानी के अंदर या आसपास बनने वाली मांसपेशियों में होता है और इसे फाइब्रॉइड्स का नाम भी दिया गया है. इसके लक्षण ये होते हैं कि महिलाओं को पीरियड्स के दौरान ऐंठन भरा तेज दर्द, पेट के निचले हिस्से में दर्द और हैवी ब्लीडिंग के साथ साथ बार बार यूरिन महसूस होना इसके मुख्य लक्षण हैं.

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