कानपुर: गोद में बच्चा लिए पिता पर लाठी बरसाने वाला SHO सस्पेंड, पुलिस ने कहा...

Somya Sri, Last updated: Fri, 10th Dec 2021, 12:06 PM IST
  • कानपुर देहात में बच्चे को गोद में लिए पिता की पुलिस द्वारा पिटाई मामले में एसएचओ को सस्पेंड कर दिया गया है. हालांकि एसएचओ की बर्खास्तगी के बाद पुलिस की ओर से सफाई भी आई है. पुलिस का कहना है कि जिस शख्स को मारा जा रहा था वो और उसका भाई अस्पताल में अराजकता फैला रहा था.
कानपुर: गोद में बच्चा लिए पिता पर लाठी बरसाने वाला SHO सस्पेंड, पुलिस ने कहा... (फोटो साभार- वायरल वीडियो)

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था. जिसमें एक पुलिस वाला एक शख्स पर लाठियां बरसा रहा था. वीडियो में शख्स पुलिस वाले से कहता है कि उसकी गोद में बच्चा है, लग जायेगी, उन्हें न मारें. लेकिन पुलिस शख्स पर ताबड़तोड़ लाठियां बरसा रहा था. अब इस वायरल वीडियो पर कार्रवाई करते हुए उस पुलिस को सस्पेंड कर दिया गया है जो आदमी पर लाठियां भांज रहा था. हालांकि एसएचओ की बर्खास्तगी के बाद यूपी पुलिस की ओर से सफाई भी आई है. पुलिस का कहना है कि जिस शख्स को मारा जा रहा था वो और उसका भाई अस्पताल में अराजकता फैला रहा था.

मामला क्या है?

दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था. वायरल वीडियो में पुलिस की बर्बरता साफ देखी जा रही थी. पुलिस शख्स को पिटता जा रहा था. जब इस वायरल वीडियो की सत्यता जांच की गई तो पता चला कि कानपुर देहात में एक अस्पताल के बगल में खुदाई के विरोध में कुछ कर्मचारी विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. सभी कर्मचारी नेता रजनीश शुक्ल की अगुवाई में प्रदर्शन कर रहे थे. जिसे लेकर सीएमएस डॉ. वंदना मिश्रा ने पुलिस को सूचना दी और ओपीडी का ताला खुलवाने को कहा.

साहब! मत मारो बच्चे को लग जाएगी, गिड़गिड़ाता रहा पिता, बेरहमी से पीटती रही पुलिस

मौके पर जब पुलिस पहुंची तो देखा कि विरोध प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी नेता रजनीश शुक्ल की अगुवाई काम ठप था और धरना प्रदर्शन चल रहा है. पुलिस ने इस दौरान रजनीश शुक्ल पर लाठियां बरसानी शुरू की और जमकर उसकी पिटाई कर दी. इस दौरान उसकी गोद में बच्चा भी था. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसके बाद पुलिस रजनीश को जीप पर बिठाकर थाने ले गई.

एसडीएम ने लाठीचार्ज की बात को नकार दिया था

बता दें कि इस मामले में एसडीएम वागीश शुक्ल ने कर्मचारियों पर आरोप लगाया था कि कर्मचारी सुबह से ही अस्पताल में प्रदर्शन कर रहे थे. गेट बंद किए थे. जिसके चलते एक कर्मचारी रजनीश को पकड़ा गया था. वहीं, लाठीचार्ज की बात पर एसडीएम ने साफ इंकार करते हुए कहा था कि लाठीचार्ज तो कहीं हुआ ही नहीं है.

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