कानपुर के PG सुपर स्पेशियलिटी इंस्टीट्यूट को मिली मंजूरी, GSVM के अंतर्गत होगा संचालित

ABHINAV AZAD, Last updated: Sat, 20th Nov 2021, 8:47 AM IST
  • योगी सरकार ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में निर्माणाधीन सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल को गणेश शंकर विद्यार्थी स्मारक सुपर स्पेशियलिटी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट के रूप में मंजूरी दे दी है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिसम्बर-जनवरी माह में इसका उद्घाटन कर सकते हैं.
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर.

कानपुर. उत्तर भारत का सबसे बड़ा मेडिकल हब बनने की दिशा में कानपुर ने अपने कदम बढ़ा दिए हैं. दरअसल, सरकार ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में निर्माणाधीन सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल को गणेश शंकर विद्यार्थी स्मारक सुपर स्पेशियलिटी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट के रूप में मंजूर कर दिया है. इसके साथ ही यह कानपुर शहर का पहला पीजीआई होगा. साथ ही यह इंस्टीट्यूट जीएसवीएम के अंतर्गत संचालित होगा.

बताते चलें कि सभी फैसले जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन लेगा. ऐसा माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिसम्बर-जनवरी में उद्घाटन कर सकते हैं. दरअसल, प्रधानमंत्री के आने के चलते ही केस्को ने आनन-फानन में बिजली कनेक्शन दे दिया है. वहीं जल निगम ने पानी कनेक्शन दे दिया है. जल्द ही मशीनों का भी ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा. यह शहर का पहला इंस्टीट्यूट होगा, जहां पूरा सिस्टम जीरो पेपर होगा. 410 कम्प्यूटर लगेंगे, इन्हीं को हर डॉक्टर, हर वार्ड, ओटी, पैथालॉजी सेन्टरों के यहां लगाकर लिंक किया जाएगा.

Video: कानपुर में परेशान बुजुर्ग महिला आई थाने तो SHO ने लगाया गले, लोग कर रहे तारीफ

सुपर स्पेशियलिटी के नोडल अधिकारी डॉ.मनीष सिंह के मुताबिक, पीएमएसएसवाई के तहत बने हॉस्पिटल को जीएसवीएमएसएसपीजीआई के रूप में मंजूर कर दिया गया है. इस निर्माण में 200 करोड़ की लागत आई है. दरअसल, इसमें सब कुछ हाईटेक होगा. इंस्टीट्यूट में राजस्थान की तर्ज पर मरीजों को पहली बार दवाएं ब्राण्ड नेम पर नहीं सिर्फ साल्ट नेम पर लिखी जाएंगी. डॉक्टरों को भी कम्प्यूटर सिस्टम में दवाएं साल्ट नेम पर ही फीड करने की लिस्ट मिलेगी. डॉक्टरों को भी कम्प्यूटर सिस्टम में दवाएं साल्ट नेम पर ही फीड करने की लिस्ट मिलेगी. इसी पर मरीजों को टाइपड पर्चा मिलेगा ताकि मरीजों की यह शिकायत खत्म हो जाए कि डॉक्टर की राइटिंग समझ में नहीं आ रही है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें